शिमला।
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 4 अप्रैल को राज्य के पांच प्रमुख जिलों— चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और मंडी में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ऊंचे क्षेत्रों और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी है।
ऊंचाई वाले इलाकों जैसे लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी का अनुमान है। वहीं, निचले और मध्यवर्ती इलाकों में झमाझम बारिश होने से तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे राज्य में एक बार फिर ठंड का अहसास बढ़ गया है।
पर्यटन सीजन के बीच आए इस बदलाव से मनाली, कुफरी, नारकंडा और डलहौजी जैसे गंतव्यों पर मौसम काफी ठंडा रहने वाला है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण फिसलन बढ़ सकती है, जिससे चंडीगढ़-मनाली और शिमला-मटौर जैसे नेशनल हाईवे पर यात्रा चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
अचानक हुई ओलावृष्टि से सेब की सेटिंग और गुठलीदार फलों (Stone Fruits) को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
मौसम विभाग के अनुसार, 5 और 6 अप्रैल को भी मौसम खराब रहने की संभावना है, हालांकि तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है। 8 अप्रैल तक प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है।