शिमला I
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों पर तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर जनता को गुमराह करने और केवल राजनीतिक लाभ के लिए 'ड्रामा' करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल भाजपा एक ऐसी पार्टी बन गई है जिसके हाथी के दांत दिखाने के कुछ और, खाने के कुछ और हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण बिल 2023 में जब पास हुआ, तो कांग्रेस ने उसका पूरा समर्थन किया था।
सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने इसे राज्यसभा से पास करवा कर दिया था। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब बिल 2023 में ही पास हो गया था, तो भाजपा सरकार ने इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया? अब परिसीमन (Delimitation) और सीटें बढ़ाने का बहाना बनाकर इसे 2029 तक टालने की कोशिश की जा रही है। यह धरना प्रदर्शन केवल असलियत से ध्यान भटकाने के लिए है।
मुख्यमंत्री ने भाजपा की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा को केवल चुनावों के समय ही प्रदर्शन याद आते हैं। जब हिमाचल में सदी की सबसे बड़ी आपदा आई, तब भाजपा ने कोई धरना नहीं दिया।
जब प्रदेश की RDG (Revenue Deficit Grant) बंद हुई और प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ की राशि प्रदेश को नहीं मिली, तब भाजपा के नेता चुप रहे। उन्होंने केंद्र से हिमाचल का हक दिलाने के लिए एक भी धरना प्रदर्शन नहीं किया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ दर्ज हुई FIR पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने और उन्हें धमकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि पूरी कांग्रेस पार्टी खड़गे के साथ खड़ी है और हम ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।
कमला नेहरू अस्पताल (KNH) से गायनी वार्ड को IGMC शिफ्ट करने के विरोध पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना है। IGMC में अत्याधुनिक उपकरण और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे महिलाओं को उच्च स्तरीय इलाज मिलेगा। इस मुद्दे पर राजनीति और आंदोलन करना जनहित में नहीं है।