राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (National TB Elimination Programme) के तहत जिला बिलासपुर ने टीबी उन्मूलन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बचत भवन में आयोजित जिला स्तरीय सम्मान समारोह में उपायुक्त राहुल कुमार ने 62 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।
इस वर्ष 5 ग्राम पंचायतों को स्वर्ण, 11 को रजत और 46 पंचायतों को कांस्य श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
जनभागीदारी से अभियान बना जनआंदोलन
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग, आशा कार्यकर्ताओं, निक्षय मित्रों और आमजन के सामूहिक सहयोग से जिले में टीबी उन्मूलन अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग आधुनिक तकनीकों तथा जनसहभागिता के माध्यम से टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।
हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से दूरदराज क्षेत्रों में जांच
उपायुक्त ने बताया कि जिले में टीबी की शीघ्र पहचान के लिए हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी संदिग्ध मरीजों की मौके पर ही स्क्रीनिंग संभव हो रही है।
उन्होंने कहा कि इससे समय पर जांच, उपचार और संक्रमण की रोकथाम में उल्लेखनीय सफलता मिल रही है।
18 टीबी डायग्नोस्टिक सेंटर कर रहे हैं कार्य
उन्होंने बताया कि जिले में टीबी रोगियों की समय पर पहचान और गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने के लिए 18 टीबी डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, एम्स बिलासपुर, नागरिक अस्पताल घुमारवीं, सीएचसी मार्कंड, सीएचसी झंडूता और पीएचसी स्वारघाट में एनएएटी (NAAT) जांच सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी टीबी जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
ऐसे मिलता है स्वर्ण, रजत और कांस्य प्रमाणन
उपायुक्त ने बताया कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों का प्रमाणन छह निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है।
स्वर्ण प्रमाण पत्र: लगातार तीन वर्षों तक टीबी मुक्त रहने वाली पंचायतें।
रजत प्रमाण पत्र: लगातार दो वर्षों तक टीबी मुक्त रहने वाली पंचायतें।
कांस्य प्रमाण पत्र: पहली बार टीबी मुक्त घोषित होने वाली पंचायतें।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 66 पंचायतों ने दावा प्रस्तुत किया था, जिनमें से 62 पंचायतें प्रमाणन प्राप्त करने में सफल रहीं।
इन पंचायतों को मिला स्वर्ण सम्मान
स्वर्ण प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाली पंचायतें हैं:
गटवाड़
लंजता
रोड जामन
तरसूह
टोबा संगवाणा
सहयोग कोष में योगदान देने की अपील
उपायुक्त राहुल कुमार ने सामाजिक संस्थाओं, उद्योगों और आम नागरिकों से टीबी मुक्त भारत अभियान–सहयोग कोष में स्वैच्छिक योगदान देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इस कोष के माध्यम से टीबी रोगियों को पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाती है और समाज के सहयोग से इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
अनेक अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
सम्मान समारोह में अतिरिक्त उपायुक्त रुपिंदर कौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पंचायत प्रतिनिधि, आशा कार्यकर्ता, निक्षय मित्र तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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