नई दिल्ली
पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे भारत की नारी शक्ति के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए एक ऐतिहासिक दस्तावेज करार दिया है। संसद भवन में राजस्थान की महिला उद्यमी समूह (Women Entrepreneur Organisation) के पदाधिकारियों से भेंट के बाद उन्होंने बजट के महिला-केंद्रित प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की।
अनुराग ठाकुर ने बताया कि मोदी सरकार ने इस बार अपने कुल बजट का 9.37% हिस्सा विशेष रूप से महिलाओं की बराबरी और सशक्तिकरण के लिए आवंटित किया है। उन्होंने कहा कि महिला एवं बालिका कल्याण के लिए 5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले बजट की तुलना में 11.36% अधिक है।
2026-27 का बजट महिला सशक्तिकरण के इतिहास में एक 'रेफरेंस' बनकर उभरेगा। यह अब तक का सबसे बड़ा जेंडर-रिस्पॉन्सिव बजट है।
सांसद ने 'लखपति दीदी' योजना की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक लगभग 1.48 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य 2027 तक इस संख्या को 3 करोड़ तक पहुँचाना है। स्वयं सहायता समूहों (SHG) को स्वतंत्र उद्यमी बनाने के लिए 'शी मार्ट्स' (Self-Help Entrepreneur Marts) की ऐतिहासिक घोषणा की गई है, जो महिला उत्पादों को सीधा बाजार प्रदान करेगी।
अनुराग ठाकुर ने बजट के आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महिलाओं के लिए 100% आवंटन वाली योजनाओं को बढ़ाकर ₹1,07,688.42 करोड़ किया गया है। पीएम आवास योजना (शहरी 2.0) में ₹21,625.05 करोड़ और ग्रामीण में ₹52,575.01 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिसमें महिलाओं को संपत्ति का प्राथमिक या सह-स्वामी बनाया जा रहा है।
'नमो ड्रोन दीदी' (NAMO Drone Didi) योजना के लिए ₹676.85 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण महिलाएं अत्याधुनिक कृषि तकनीक से जुड़ेंगी। उच्च शिक्षा संस्थानों में लड़कियों के लिए छात्रावास और STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित) विषयों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 'मिशन शक्ति' के लिए ₹3,200 करोड़ और सेफ सिटी परियोजनाओं सहित अन्य सुरक्षा उपायों के लिए ₹1,014.05 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय महिला आयोग को भी ₹36 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है ताकि शिकायत निवारण प्रणाली मजबूत हो सके।
अनुराग ठाकुर ने जानकारी दी कि राजस्थान की महिला उद्यमियों ने बजट की सराहना की है और शीघ्र ही हिमाचल प्रदेश का दौरा करने का निर्णय लिया है। वे हिमाचल में अपने उद्योगों और उत्पादों का विस्तार करने की इच्छुक हैं, जिससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।