ऊना से खरीदी थी 40 ग्राम की डार्क फ्रूट एंड नट चॉकलेट, शिकायतकर्ता ने अमूल और FSSAI को भेजी शिकायत; लैब जांच की मांग
अमूल की डार्क फ्रूट एंड नट चॉकलेट में जिंदा कीड़े मिलने का मामला सामने आया है। न्यू शिमला निवासी संदीप शर्मा ने इस संबंध में अमूल और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) को शिकायत भेजी है।
शिकायतकर्ता ने चॉकलेट में जिंदा कीड़े दिखाई देने का दावा करते हुए इसका वीडियो भी सामने आने की बात कही है। उन्होंने संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
17 अक्टूबर को ऊना से खरीदी थी चॉकलेट
संदीप शर्मा के अनुसार, उन्होंने 17 अक्टूबर 2026 को ऊना की एक दुकान से अमूल की 40 ग्राम की डार्क फ्रूट एंड नट चॉकलेट खरीदी थी। शिमला स्थित अपने घर पहुंचने के बाद जब उनके बेटे ने चॉकलेट खोली, तो उसमें जिंदा कीड़े रेंगते हुए दिखाई दिए।
इस घटना के बाद परिवार ने खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। संदीप शर्मा का कहना है कि चॉकलेट की एक्सपायरी डेट मई 2027 थी। ऐसे में एक्सपायरी डेट से पहले ही चॉकलेट में जिंदा कीड़े मिलने का दावा उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है।
अमूल के कस्टमर केयर पर भी शिकायत करने का दावा
संदीप शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस मामले में अमूल के कस्टमर केयर पर भी शिकायत दर्ज करवाई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि कंपनी ने उनसे बातचीत किए बिना और चॉकलेट का निरीक्षण किए बिना ही शिकायत बंद कर दी।
उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों के लिए भरोसे के साथ चॉकलेट और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते हैं। ऐसे में कंपनियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
चॉकलेट का नमूना जांच के लिए देने को तैयार
शिकायतकर्ता के मुताबिक, चॉकलेट और उसका रैपर अभी भी उनके पास सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि वे जांच के लिए इसे संबंधित विभाग को सौंपने के लिए तैयार हैं। विभाग चाहे तो उनसे नमूना एकत्र कर सकता है या वह चॉकलेट को किसी अधिकृत प्रयोगशाला में जमा करवा सकते हैं।
संदीप शर्मा ने संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने मांग की कि चॉकलेट के नमूने की प्रयोगशाला में जांच करवाई जाए और यदि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, चॉकलेट में कीड़े मिलने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि और प्रयोगशाला जांच के नतीजे सामने नहीं आए हैं।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube