रायजादा बोले- जांच किसी एक व्यक्ति तक सीमित न हो, सभी वर्तमान और पूर्व विधायकों की निधि के उपयोग की हो समीक्षा; लगाए गंभीर आरोप।
हिमाचल प्रदेश में ऐच्छिक निधि को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। सभी वर्तमान और पूर्व विधायकों की ऐच्छिक निधि की जांच करवाने की मांग करने वाले पूर्व विधायक होशियार सिंह के बयान पर ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने पलटवार किया है।
शनिवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान रायजादा ने कहा कि यदि होशियार सिंह वास्तव में पारदर्शिता चाहते हैं तो उन्हें हाईकोर्ट जाने के बजाय भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर सभी विधायकों की ऐच्छिक निधि की निष्पक्ष जांच की मांग करनी चाहिए।
सभी विधायकों की हो जांच: रायजादा
सतपाल रायजादा ने कहा कि जांच किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सभी दलों के वर्तमान और पूर्व विधायकों के कार्यकाल में जारी हुई ऐच्छिक निधि और उसके उपयोग की समीक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी विधायक या पूर्व विधायक द्वारा निधि का गलत इस्तेमाल किया गया है तो उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
रायजादा ने कहा कि सार्वजनिक धन के उपयोग में जवाबदेही सबसे जरूरी है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि उनकी ओर से दिए गए पैसे का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
उन्होंने कहा कि ऐच्छिक निधि का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की सहायता करना है और इसका उपयोग नियमों के अनुसार ही होना चाहिए।
होशियार सिंह पर लगाए निधि के दुरुपयोग के आरोप
पूर्व विधायक रायजादा ने आरोप लगाया कि होशियार सिंह ने अपनी ऐच्छिक निधि का इस्तेमाल अपनी ही कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों को सहायता राशि देने में किया।
उन्होंने कहा कि यदि किसी विधायक को मिलने वाली ऐच्छिक निधि से बड़ी राशि अपने कर्मचारियों को दी जाती है तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है और इसकी जांच होनी चाहिए।
रायजादा ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि सहायता राशि वापस ली गई या नहीं, बल्कि यह है कि सार्वजनिक धन का लाभ किन लोगों को दिया गया।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
बातचीत के दौरान रायजादा ने होशियार सिंह पर तीखा राजनीतिक हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि होशियार सिंह अपने भाई से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के मामले को कांग्रेस और मुख्यमंत्री से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत विजिलेंस या पुलिस के पास आती है तो उसकी जांच करना संबंधित एजेंसियों का दायित्व है। इसमें कांग्रेस पार्टी का कोई हस्तक्षेप नहीं है।
जांच की मांग पर सियासत गरमाई
ऐच्छिक निधि के इस्तेमाल को लेकर उठे विवाद ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां होशियार सिंह ने निधि की जांच की मांग उठाई है, वहीं रायजादा ने इसे सभी विधायकों तक विस्तार देने की मांग की है।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube