आयुष अस्पताल और जिले के आयुष आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य जांच व परामर्श; पंचकर्म, योग और पैरा-सर्जिकल प्रक्रियाओं का प्रदर्शन
11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिला ऊना में विभिन्न जागरूकता एवं स्वास्थ्य गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित आयुष अस्पताल के साथ-साथ जिले के सभी आयुष आरोग्य मंदिरों और स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क चिकित्सा एवं जागरूकता शिविर लगाए गए।
शिविरों में लोगों की स्वास्थ्य जांच और परामर्श के साथ उन्हें आयुर्वेदिक जीवनशैली, खान-पान, योग और दिनचर्या के महत्व की जानकारी दी गई।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. किरण शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इन शिविरों में मरीजों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान पंचकर्म, योग तथा विभिन्न पैरा-सर्जिकल प्रक्रियाओं का प्रदर्शन और उपचार भी किया गया। आयुर्वेद के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर जोर
डॉ. किरण शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को संतुलित रखने वाली समग्र पद्धति है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद हजारों वर्षों से स्वस्थ जीवनशैली का मार्गदर्शन करता आ रहा है।
उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में आहार, विहार, विचार, दिनचर्या और ऋतुचर्या के संतुलन पर विशेष जोर दिया जाता है। स्वस्थ रहने के लिए इन सभी पहलुओं को जीवनशैली का हिस्सा बनाना महत्वपूर्ण है।
आयुष संस्थानों में कई उपचार प्रक्रियाओं की सुविधा
जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि जिले के आयुष संस्थानों में पंचकर्म के साथ विभिन्न पैरा-सर्जिकल प्रक्रियाओं की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इनमें कपिंग, अलाबु, वेध चिकित्सा, जानु बस्ती और कटि बस्ती जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने नजदीकी आयुष आरोग्य मंदिर अथवा आयुष अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त करें और इन सुविधाओं का लाभ उठाएं। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित गतिविधियों का उद्देश्य आयुर्वेद के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ स्वस्थ जीवनशैली के प्रति उन्हें प्रेरित करना रहा।
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