आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रवीण शर्मा ने की शिरकत, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. किरण शर्मा के नेतृत्व में हुआ आयोजन
भारतीय संस्कृति में आरोग्य और चिकित्सा के देवता माने जाने वाले भगवान धन्वंतरी की जयंती शुक्रवार को जिला मुख्यालय ऊना के आयुर्वेदिक चिकित्सालय में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाई गई।
जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. किरण शर्मा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में विशेष पूजा-अर्चना और हवन-यज्ञ किया गया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने हवन में आहुतियां डालकर सभी के उत्तम स्वास्थ्य और सर्वत्र कल्याण की कामना की।
कार्यक्रम में आयुर्वेद विभाग के कांगड़ा क्षेत्र के उपनिदेशक डॉ. प्रवीण शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि धनतेरस का पर्व भगवान धन्वंतरी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को भगवान धन्वंतरी समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्हें आरोग्य का आराध्य देव माना जाता है।
डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि जीवन का सबसे बड़ा धन निरोगी काया है। धन-दौलत और सुख-सुविधाएं तभी सार्थक हैं, जब व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हो। उन्होंने लोगों से जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए आयुर्वेद अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की समग्र चिकित्सा पद्धति में अपार संभावनाएं हैं और नियमित दिनचर्या, संतुलित खानपान तथा सकारात्मक बदलावों से कई बीमारियों से बचाव संभव है।
इस अवसर पर वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ भगवान धन्वंतरी से रोगों, बुढ़ापे और मृत्यु के कष्टों से मुक्ति तथा उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद मांगा गया। कार्यक्रम में जिला आयुष अधिकारी डॉ. किरण शर्मा सहित आयुर्वेद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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