मण्डी।
सरदार पटेल विश्वविद्यालय (SPU) मण्डी के इतिहास विभाग का 31 सदस्यीय दल ग्वालियर स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भ्रमण से सफलतापूर्वक लौट आया है। संकाय-विद्यार्थी सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक और जीवंत इतिहास का अनुभव कराना था।
विश्वविद्यालय पहुँचने पर कुलपति आचार्य ललित कुमार अवस्थी ने दल का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने शैक्षणिक भ्रमण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा समकालीन उच्च शिक्षा में ज्ञान केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
इतिहास जैसे विषय में स्थलों, अभिलेखों और स्थापत्य का प्रत्यक्ष अवलोकन विद्यार्थियों को जीवंत इतिहास से साक्षात्कार कराता है। जीवाजी विवि के साथ हमारा यह समझौता राष्ट्रीय एकता और बौद्धिक समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी मिसाल है।
कार्यक्रम के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने यात्रा का विस्तृत विवरण साझा किया। सात दिवसीय इस यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने निम्नलिखित संस्थानों और स्थलों का गहन अध्ययन किया।
जीवाजी विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन, केन्द्रीय पुस्तकालय, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम केन्द्रीय उपकरण सुविधा और सर मार्टिमोर व्हीलर संग्रहालय। ग्वालियर का किला, मितावली का चौसठ योगिनी मंदिर, पडावली, बटेश्वर मंदिर समूह, अशोककालीन गुर्जरा अभिलेख, सोनागिर जैन मंदिर और पीताम्बर पीठ।
विद्यार्थियों ने जीवाजी विश्वविद्यालय में आयोजित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लिया, जहाँ प्रो. शांतिदेव सिसोदिया ने उनका मार्गदर्शन किया।
इस 31 सदस्यीय दल में 26 एम.ए. विद्यार्थी, 3 शोधार्थी और 2 संकाय सदस्य शामिल थे। दल का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार शर्मा और सहायक आचार्य डॉ. रामपाल ने किया। शोधार्थियों में वेद प्रकाश, राहुल कुमार और डोल्मा सहित अन्य छात्र उपस्थित रहे।
डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने इस सफल आयोजन और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के लिए जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजकुमार आचार्य और प्रो. शांतिदेव सिसोदिया के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह यात्रा विद्यार्थियों के शोध और भविष्य के अध्ययन के लिए प्रेरणादायक सिद्ध होगी।