शिमला।
हिमाचल प्रदेश में कुदरत के बदलते मिजाज ने सबको हैरान कर दिया है। अप्रैल के महीने में, जहाँ मैदानी इलाकों में गर्मी दस्तक दे रही है, वहीं देवभूमि में कड़ाके की ठंड ने वापसी कर ली है। बुधवार को अटल टनल और ऊंची चोटियों पर ताज़ा बर्फबारी हुई है, जबकि राजधानी शिमला समेत निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।
बर्फबारी और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
रोहतांग दर्रा, भरमौर और पांगी की चोटियों पर मंगलवार से ही बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया था, जो बुधवार को भी जारी रहा। अटल टनल में बुधवार सुबह से बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है।
चंबा भरमौर और पांगी की चोटियों पर 7 से 17 सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज की गई है। सोलन व शिमला में रात भर से हो रही बारिश ने रफ्तार थाम दी है। सोलन में बारिश की वजह से कई स्थानीय बस रूट प्रभावित हुए हैं, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों और अभिभावकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ऑरेंज अलर्ट: अंधड़ और ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज़ हवाओं (अंधड़) के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। भारी बारिश के कारण चंबा के पांगी-सलूणी क्षेत्र में सड़कें बंद हैं और करीब 45 गाँवों में बिजली गुल है क्योंकि 9 ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए हैं।
तापमान में भारी गिरावट
हवाओं और बारिश के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में 7 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है। लोगों को फिर से हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
अप्रैल में सामान्य से 82% अधिक बारिश
आंकड़े बताते हैं कि इस साल अप्रैल की शुरुआत काफी नम रही है। 1 से 7 अप्रैल के बीच प्रदेश में 27.6 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य (15.2 मिमी) से 82% अधिक है। सबसे ज्यादा असर सोलन जिले में देखा गया, जहाँ सामान्य से 485% अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम का आगामी पूर्वानुमान
09 अप्रैल: मौसम खराब बना रहेगा, बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।
10 अप्रैल: राहत की उम्मीद, प्रदेश भर में धूप खिलने की संभावना।
11 - 13 अप्रैल: एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होगा, जिससे फिर से बारिश, बर्फबारी और अंधड़ का दौर शुरू हो सकता है।
प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित इलाकों में न जाने की सलाह दी है।