पिटाई और धमकाने का भी आरोप, स्कूल प्रबंधन ने पांचों छात्रों को किया निलंबित; घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित डगशाई पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में नौवीं कक्षा के छात्र की कथित रैगिंग और पिटाई का मामला सामने आया है। इस मामले में धर्मपुर पुलिस ने 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले पांच नाबालिग सीनियर छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आरोप है कि सीनियर छात्र पिछले करीब चार महीने से जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग, मारपीट, धमकी और अभद्र व्यवहार कर रहे थे।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने पांचों छात्रों को निलंबित कर दिया है। स्कूल के प्रधानाचार्य तेजेंद्रजीत सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मामले में सख्त निर्णय लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि पीड़ित छात्र और आरोपी छात्र पंजाब के रहने वाले हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मारपीट का वीडियो
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में एक छात्र दूसरे छात्र को थप्पड़ मारता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद कई अभिभावक स्कूल पहुंचे और हॉस्टल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
अभिभावकों का आरोप है कि हॉस्टल में इस तरह की गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं, लेकिन उन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।
सीनियर छात्रों पर पैसे मांगने का भी आरोप
मामले में कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि सीनियर छात्र उनसे पैसों की मांग भी करते थे। वहीं, हरियाणा के जगाधरी क्षेत्र से आए कुछ अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से अपने बच्चों के स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (टीसी) की मांग की है। अभिभावक बच्चों को दूसरे स्कूल में दाखिल करवाने की तैयारी में हैं।
करीब चार महीने से रैगिंग का आरोप
जानकारी के अनुसार, छह सितंबर को स्कूल में पढ़ने वाले कुछ छात्रों के अभिभावकों ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 11वीं और 12वीं कक्षा के पांच छात्र करीब चार महीने से जूनियर छात्रों की रैगिंग, पिटाई, धमकी और अभद्र व्यवहार कर रहे थे।
आरोप है कि पांच सितंबर को भी हॉस्टल के एक कमरे से नौवीं कक्षा के छात्र को जबरन बाहर खींचकर उसके साथ मारपीट की गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
वीडियो और साक्ष्यों की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस मामले से जुड़े वायरल वीडियो, शिकायत में लगाए गए आरोपों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हॉस्टल में कथित रैगिंग की गतिविधियां कब से चल रही थीं और इसमें अन्य छात्र भी शामिल थे या नहीं।
एसपी सोलन साईं दत्तात्रेय वर्मा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल में पहले भी सामने आ चुके हैं रैगिंग के मामले
हिमाचल प्रदेश में रैगिंग से जुड़े कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे चर्चित मामला वर्ष 2009 में टांडा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रशिक्षु अमन काचरू की मौत का रहा है। वरिष्ठ छात्रों द्वारा की गई कथित रैगिंग और मारपीट के बाद अमन काचरू की मौत हो गई थी। इस मामले ने देशभर में रैगिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग को तेज किया था।
इसके अलावा आईआईटी मंडी, एनआईटी हमीरपुर और प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में भी समय-समय पर रैगिंग के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में संस्थानों की ओर से छात्रों के खिलाफ निलंबन, हॉस्टल से निष्कासन और जुर्माने जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।