मानसून की बारिश जहां लोगों को गर्मी से राहत दे रही है, वहीं अब इसके साथ जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। राजधानी शिमला में पीलिया (Jaundice) के मामले सामने आने शुरू हो गए हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) में रोजाना नए मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
आईजीएमसी में पिछले कुछ दिनों से पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बुधवार को भी अस्पताल में पीलिया से पीड़ित तीन मरीज पहुंचे। हालांकि अभी तक सभी मामले शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से सामने आए हैं और किसी एक स्थान पर बीमारी का क्लस्टर नहीं बना है। चिकित्सकों ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में मामले बढ़ सकते हैं।
पेट दर्द के बाद अब पीलिया के मरीज बढ़े
बरसात शुरू होने के बाद अस्पतालों में पहले पेट दर्द और संक्रमण से जुड़े मरीज पहुंच रहे थे, लेकिन अब पीलिया के मरीज भी उपचार के लिए आने लगे हैं। इसके चलते आईजीएमसी के मेडिसिन वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
डॉक्टर मरीजों के आवश्यक टेस्ट करवाकर बीमारी की पहचान कर रहे हैं, ताकि समय पर उपचार शुरू किया जा सके।
दूषित पानी से बढ़ सकता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के मौसम में पानी के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। शिमला के कई हिस्सों में बारिश के बाद मटमैले पानी की आपूर्ति की शिकायतें सामने आई हैं।
हालांकि पानी की आपूर्ति करने वाली एजेंसियां फिल्टर प्रक्रिया के बाद ही पानी सप्लाई करने का दावा कर रही हैं, लेकिन बारिश के दौरान पानी के कंटैमिनेशन का खतरा बना रहता है। ऐसे में दूषित पानी के सेवन से पीलिया सहित कई जलजनित बीमारियां फैल सकती हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
जलजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि:
पानी को फिल्टर या उबालकर ही पिएं।
गली-सड़ी सब्जियां और फल खाने से बचें।
आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।
खुले में शौच से बचें।
बाहर का खाना खाने से परहेज करें।
बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
आईजीएमसी के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सतीश ने बताया कि अस्पताल में पीलिया के मामले सामने आए हैं, लेकिन ये सभी अलग-अलग क्षेत्रों से हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे केवल फिल्टर या उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करें और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
IGMC में पांच संदिग्ध स्क्रब टायफस मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव
वहीं, आईजीएमसी में स्क्रब टायफस के पांच संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इससे चिकित्सकों ने राहत की सांस ली है।
हालांकि बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस के लक्षण वाले मरीज लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं। शरीर में दर्द, बुखार और अन्य लक्षणों के आधार पर डॉक्टर मरीजों की जांच करवा रहे हैं।
आईजीएमसी की मेडिसिन ओपीडी में आने वाले संदिग्ध मरीजों की सैंपलिंग की जा रही है, ताकि बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके और उपचार शुरू किया जा सके।
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