शिमला।
हिमाचल प्रदेश में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। कांगड़ा जिले में हाल ही में हुई हत्या की वारदात के बाद अब राजधानी शिमला में एक सगे भाई द्वारा भाई की हत्या का खौफनाक मामला सामने आया है। आरोपी ने न केवल अपने बड़े भाई को मौत के घाट उतारा, बल्कि साक्ष्य छिपाने के इरादे से शव को श्मशानघाट के किनारे फेंक दिया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शिमला के उपनगर क्षेत्र की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि स्थानीय श्मशानघाट के पास एक व्यक्ति का लहूलुहान शव पड़ा है। मौके पर पहुँची पुलिस ने जब शिनाख्त की, तो मृतक की पहचान स्थानीय निवासी के रूप में हुई।
तफ्तीश आगे बढ़ने पर शक की सुई मृतक के छोटे भाई पर टिकी, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की तो रूह कंपा देने वाला सच सामने आया।
हत्या की वजह और वारदात का तरीका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच पिछले कुछ समय से किसी घरेलू विवाद या संपत्ति को लेकर अनबन चल रही थी। वारदात की रात दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
छोटे भाई ने किसी भारी वस्तु या तेजधार हथियार से बड़े भाई के सिर पर वार किया। भाई की मौत सुनिश्चित करने के बाद, आरोपी ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर शव को घसीटते हुए पास के श्मशानघाट के किनारे ठिकाने लगा दिया।
शिमला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मौके पर फॉरेंसिक (FSL) टीम को भी बुलाया गया ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। हमने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की प्रक्रिया जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी (IGMC) शिमला भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया यह आपसी रंजिश का मामला लग रहा है।
कांगड़ा और अब शिमला की इन घटनाओं ने देवभूमि को झकझोर कर रख दिया है। एक ही हफ्ते के भीतर सगे रिश्तों के बीच खून-खराबे की इन वारदातों से सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है। उसे आज स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ पुलिस उसकी रिमांड की मांग करेगी ताकि हत्या के पीछे के असल मकसद और वारदात में किसी अन्य की संलिप्तता की जांच की जा सके।