नूरपुर।
जिला पुलिस नूरपुर ने मानवीय संवेदनाओं और कर्तव्य निष्ठा की एक मिसाल पेश की है। पुलिस द्वारा गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए चलाया गया 'विशेष अभियान' बेहद सफल साबित हुआ है। मात्र दो सप्ताह के कड़े परिश्रम के बाद पुलिस ने 40 ऐसे व्यक्तियों को उनके परिजनों से मिलाया है, जो लंबे समय से लापता थे।
पुलिस अधीक्षक (SP) कुलभूषण वर्मा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस अभियान की सफलता का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस ने 10 मार्च से 25 मार्च 2026 तक एक विशेष मिशन मोड में काम किया।
अभियान शुरू होने से पहले जिले में कुल 138 गुमशुदगी के मामले लंबित थे। मात्र 15 दिनों के भीतर 40 लोगों को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया। वर्तमान में 98 मामले अभी भी पेंडिंग हैं, जिन्हें सुलझाना पुलिस की अगली प्राथमिकता है।
एसपी कुलभूषण वर्मा ने बताया कि इन गुमशुदा व्यक्तियों को ढूंढने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग का समन्वय किया। हमारी टीमों ने न केवल मोबाइल लोकेशन और सर्विलांस का सहारा लिया, बल्कि पड़ोसी जिलों और राज्यों की पुलिस से भी निरंतर संपर्क साधे रखा। कई मामलों में पुलिस टीमों ने राज्य से बाहर जाकर भी लापता लोगों को बरामद किया।
पुलिस कार्यालय में जब इन गुमशुदा लोगों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया, तो वहां का माहौल अत्यंत भावुक हो गया। कई परिवार ऐसे थे जिन्होंने अपने प्रियजनों के वापस आने की उम्मीद छोड़ दी थी। पुलिस की इस तत्परता ने न केवल कानून व्यवस्था में जनता का विश्वास बढ़ाया है, बल्कि 40 घरों के बुझ चुके चिरागों को फिर से रोशन कर दिया है।
हालांकि 40 मामलों का निपटारा हो चुका है, लेकिन एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस अभी शांत नहीं बैठने वाली है। शेष 98 मामलों के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। इन मामलों की प्रगति की समीक्षा साप्ताहिक आधार पर स्वयं एसपी द्वारा की जाएगी।
पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी संदिग्ध या लावारिस व्यक्ति के बारे में जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर सूचित करें।
नूरपुर पुलिस का यह विशेष अभियान एक उदाहरण है कि यदि इच्छाशक्ति और सही रणनीति हो, तो सालों पुराने लंबित मामलों को भी सुलझाया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने अपनी पूरी टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि शेष गुमशुदा व्यक्तियों को भी जल्द से जल्द उनके घरों तक पहुँचाया जाएगा।