शिमला।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज बाहर का माहौल बेहद गरमाया रहा। प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाने और पेट्रोल-डीजल पर सेस (Cess) में बढ़ोतरी के फैसले के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन किया।
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर की अगुवाई में भाजपा विधायकों ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर के बाहर सरकार विरोधी नारेबाजी की।
भाजपा का आरोप है कि डीजल-पेट्रोल पर सेस लगाने से माल ढुलाई महंगी होगी, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। बाहरी राज्यों के वाहनों पर भारी 'एंट्री टैक्स' से प्रदेश के पर्यटन व्यवसाय को नुकसान पहुँचने की आशंका जताई गई। विपक्षी विधायकों ने सरकार से इन जनविरोधी फैसलों को तुरंत वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोला। वर्तमान सरकार अपनी वित्तीय विफलताओं को छिपाने के लिए आम आदमी और पर्यटकों को लूट रही है। पेट्रोल-डीजल पर उपकर (Cess) लगाने से हर चीज के दाम बढ़ेंगे। यह सरकार केवल 'टैक्स लगाओ और राज करो' की नीति पर चल रही है। हम सदन से लेकर सड़क तक इसका कड़ा विरोध करेंगे।
भाजपा विधायक अपने हाथों में सरकार विरोधी स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे थे। विधायकों ने गले में काले पटके पहनकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान "महंगाई वाली सरकार - हाय हाय" और "टैक्स वाली सरकार - नहीं चलेगी" जैसे नारे गूंजते रहे।
वहीं, दूसरी ओर सरकार के मंत्रियों ने विपक्ष के इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। सरकार का तर्क है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुधारने और विकास कार्यों के लिए संसाधन जुटाना आवश्यक है। सरकार ने स्पष्ट किया कि ये टैक्स और सेस अन्य राज्यों की तुलना में अभी भी तर्कसंगत हैं।
बाहर प्रदर्शन के बाद सदन के भीतर भी विपक्ष ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की कोशिश की, जिससे सदन की कार्यवाही में काफी व्यवधान पैदा हुआ। शोर-शराबे के कारण सदन को कुछ समय के लिए स्थगित भी करना पड़ा।