शिमला।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शहर की सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि शिमला के एक निजी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाला बांग्लादेशी छात्र 'सैफुदुल इस्लाम' वेश बदलकर मंदिरों में किन्नर के रूप में घूम रहा था और लोगों से पैसे वसूल रहा था।
क्या है पूरा मामला?
हिंदू रक्षा मंच द्वारा पुलिस में दर्ज करवाई गई शिकायत के अनुसार, यह छात्र सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम) पर खुद को बांग्लादेशी स्टूडेंट बताता है, लेकिन असल जिंदगी में पहचान छिपाकर मंदिरों में सक्रिय है। छात्र के विदेशी होने और इस तरह संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने से स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
इस घटना के सामने आते ही प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इसे राज्य के खुफिया तंत्र (Intelligence) की बड़ी विफलता करार दिया है।
जयराम ठाकुर ने कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है। सरकार का ध्यान विपक्ष के विधायकों के फोन सर्विलांस पर रखने में तो रहता है, लेकिन सुरक्षा से जुड़े ऐसे अहम मुद्दों पर लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में सच्चाई पाई गई, तो इस मामले को विधानसभा के भीतर भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
विधायक हरीश जनारथा का कड़ा रुख
शिमला के विधायक हरीश जनारथा ने इस मामले पर सख्त संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टडी वीजा पर आए किसी भी विदेशी नागरिक को निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अगर कोई छात्र पढ़ने के लिए आया है, तो उसे अपनी मर्यादा और दायरे में रहना चाहिए। मैंने पुलिस के आला अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ी तो बांग्लादेश एम्बेसी के माध्यम से भी इस पर एक्शन लिया जाएगा।" — हरीश जनारथा, विधायक, शिमला
पुलिस जांच जारी
फिलहाल शिमला पुलिस शिकायत के आधार पर छात्र के दस्तावेजों, उसके वीजा की शर्तों और गतिविधियों की जांच कर रही है। शहर के प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।