पालमपुर
पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) धर्मशाला को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी कामयाबी पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए यह बेहद गर्व और सौभाग्य का विषय है कि यह विश्वविद्यालय देश के सैकड़ों विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में नौवें स्थान पर पहुंच गया है।
शांता कुमार ने रेखांकित किया कि प्रदेश का यह पहला ऐसा विश्वविद्यालय है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी उल्लेखनीय और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस गौरवपूर्ण सफलता के लिए उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतप्रकाश बंसल सहित समस्त अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बधाई व शुभकामनाएं दीं।
धर्मशाला परिसर के साथ वर्षों से हो रहा अन्याय: शांता कुमार
विश्वविद्यालय की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार ने कहा कि यह वही केंद्रीय विश्वविद्यालय है, जिसे स्थापित हुए 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी धर्मशाला में अपना स्थायी परिसर बनाने के लिए राज्य सरकार का पूरा सहयोग नहीं मिल पाया है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के मूल निर्णय के अनुसार विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर धर्मशाला में और दूसरा परिसर देहरा में बनाया जाना तय हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राजनीति के तहत देहरा परिसर के लिए तो धन उपलब्ध करा दिया, लेकिन धर्मशाला परिसर के निर्माण के लिए आवश्यक 30 करोड़ रुपये की राशि आज तक जारी नहीं की।
केंद्र के 300 करोड़ रुपये अटके, हाईकोर्ट की अगली सुनवाई से पहले राशि जारी करने की अपील
शांता कुमार ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार इस महत्वपूर्ण परिसर के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये पहले ही उपलब्ध करा चुकी है। मगर, राज्य सरकार की ओर से 30 करोड़ रुपये की मैचिंग ग्रांट न मिलने के कारण केंद्र की यह भारी-भरकम राशि भी खर्च नहीं हो पा रही है, जो कि कांगड़ा क्षेत्र के साथ वर्षों से जारी बड़ा अन्याय है।
उन्होंने कांगड़ा के जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से विशेष आग्रह करते हुए शांता कुमार ने कहा कि वे केंद्रीय विश्वविद्यालय को पूरी तरह देहरा ले जाने के किसी भी प्रयास का हिस्सा न बनें।
उन्होंने याद दिलाया कि यह मामला अब हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) में भी पहुंच चुका है, जहां अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि धर्मशाला परिसर के लिए 30 करोड़ रुपये कब जारी किए जाएंगे।
शांता कुमार ने मुख्यमंत्री सुक्खू से अपील की है कि उच्च न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई होने से पहले यह राशि तुरंत जारी की जाए, जो विश्वविद्यालय की शानदार राष्ट्रीय रैंकिंग के बाद प्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षा जगत के लिए मुख्यमंत्री की तरफ से एक बड़ा उपहार होगा।