धर्मशाला
भाजपा विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर पंचायत एवं शहरी निकाय चुनावों को जानबूझकर टालने का बड़ा आरोप लगाया है। धर्मशाला में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए परमार ने कहा कि ये चुनाव जनवरी माह में ही संपन्न हो जाने चाहिए थे,
लेकिन सरकार की मंशा चुनाव करवाने की बिल्कुल नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंततः सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के कड़े निर्देशों के बाद ही सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा और 31 मई तक इन चुनावों को आयोजित करवाना पड़ा।
पंचायती राज और निकाय चुनावों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की बंपर जीत
विपिन सिंह परमार ने चुनावी नतीजों पर खुशी जाहिर करते हुए दावा किया कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस की नीतियों को नकार कर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों पर अपना पूरा भरोसा जताया है।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इन चुनावों में लगभग 70 प्रतिशत भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजयी हुए हैं। परमार ने कहा कि नगर पंचायतों, नगर परिषदों और नगर निगम के चुनावों में भाजपा को जनता का व्यापक समर्थन मिला है, जिसके दम पर प्रदेश की 12 में से 10 जिला परिषदों में भाजपा समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने जाएंगे।
प्रदेश में "माफिया राज" और कर्ज के बोझ का लगाया आरोप
सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश पूरी तरह अराजकता की गर्त में डूब चुका है।
आम जनता को पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं और पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद या ठप कर दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज प्रदेश में "माफिया राज" पैर पसार चुका है, कर्मचारी वर्ग पूरी तरह निराश है और सरकार ने हिमाचल को भारी-भरकम कर्ज के बोझ तले दबा दिया है। इसके अलावा, केंद्र की मोदी सरकार द्वारा भेजी जा रही विकास योजनाओं का लाभ भी विधानसभा क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचने दिया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों के अपमान पर सीएम को घेरा, प्रेस वार्ता में उमड़ा भाजपा नेतृत्व
मुख्यमंत्री द्वारा जिला परिषद और बीडीसी (BDC) प्रतिनिधियों को लेकर हाल ही में की गई टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए परमार ने कहा कि लोकतंत्र में सभी जनप्रतिनिधि जनता द्वारा चुनकर आते हैं, इसलिए उनका पद और सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।
इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान परमार के साथ धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, कांगड़ा के विधायक पवन काजल, नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का सहित पूर्व विधायक रवि धीमान, अर्जुन ठाकुर, रीता धीमान, मुल्कराज प्रेमी मौजूद रहे।
इनके अलावा भाजपा के मुख्य प्रवक्ता त्रिलोक कपूर, प्रवक्ता संजय शर्मा, जिलाध्यक्ष सचिन शर्मा और मीडिया प्रभारी विश्व चक्षु सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता भी एकजुटता दिखाने के लिए उपस्थित रहे।