बोह घाटी में फ्लैश फ्लड से पहले समय रहते लोगों को किया सतर्क, सूझबूझ से बचीं कई जिंदगियां; मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान हुईं भावुक।
हिमाचल प्रदेश के शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी में आई प्राकृतिक आपदा के कई दिन बाद भी राणो देवी की बहादुरी की चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है। अपनी सूझबूझ और त्वरित निर्णय से करीब 12 परिवारों की जान बचाने वाली राणो देवी आज पूरे क्षेत्र के लिए साहस और सतर्कता की मिसाल बन गई हैं।
मुख्यमंत्री ने की राणो देवी से मुलाकात
रविवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बोह घाटी पहुंचकर आपदा प्रभावित परिवारों से मिले। इस दौरान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि फ्लैश फ्लड आने से पहले राणो देवी ने खतरे को भांप लिया था और गांव के लोगों को तत्काल घरों से बाहर निकलने की चेतावनी दी। उनकी समय पर दी गई सूचना के कारण करीब 12 परिवार सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए और बड़ा हादसा टल गया।
मुख्यमंत्री के सामने सुनाई आंखों देखी
मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान राणो देवी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन सुबह करीब 10 बजे तेज बारिश शुरू हुई थी। वह घर के आंगन में थीं, तभी पास के नाले में अचानक मटमैले पानी का तेज बहाव दिखाई दिया। यह देखकर उन्हें तुरंत अंदेशा हो गया कि कोई बड़ी अनहोनी होने वाली है।
2021 की त्रासदी आई याद
राणो देवी ने बताया कि नाले का बदला हुआ स्वरूप देखते ही उन्हें वर्ष 2021 में बोह घाटी में बादल फटने के बाद आई फ्लैश फ्लड की घटना याद आ गई, जिसमें 10 लोगों की जान चली गई थी। उसी अनुभव के आधार पर उन्होंने बिना देर किए पूरे गांव में जोर-जोर से आवाज लगाकर लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा।
कुछ ही मिनटों में उजड़ गया गांव
राणो देवी के अनुसार, चेतावनी के करीब 10 मिनट बाद ही फ्लैश फ्लड ने भीषण रूप ले लिया। तेज बहाव ने लगभग 12 घरों और कई पशुशालाओं को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते एक बसा-बसाया गांव तबाही की तस्वीर में बदल गया।
वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राणो देवी के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से साझा किया जा रहा है। इस मुलाकात में राणो देवी ने कुछ ही पलों में उस भयावह आपदा की पूरी कहानी बयां कर दी, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।
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