संतोषगढ़ (ऊना): नगर परिषद संतोषगढ़ में इस वर्ष भी वार्षिक ऐतिहासिक 21-22 जनवरी जोड़ मेला एवं घल्लू घारा दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। श्री गुरु रविदास जोड़ मेला कमेटी के जिला अध्यक्ष बलवंत सिंह ने रविवार को आयोजित एक पत्रकारवार्ता में मेले के कार्यक्रम और इसके ऐतिहासिक महत्व की जानकारियां साझा कीं।
संत मीरा बाई को समर्पित होगा इस वर्ष का मेला
बलवंत सिंह ने बताया कि इस वर्ष का जोड़ मेला संत मीरा बाई को समर्पित किया गया है। पत्रकारवार्ता के दौरान मेले के संस्थापक स्वर्गीय पूर्व विधायक शिंगारा राम सहूंगड़ा की पत्नी सुमन देवी सहूंगड़ा, बेटा कुंवर जगवीर सिंह सहूंगड़ा, संयुक्त संघर्ष समिति के चेयरमैन बलवीर सिंह बग्गा और गुरु रविदास सभा के प्रधान एडवोकेट कुलविंदर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मंदिर प्रकरण और संघर्ष की गौरव गाथा
मेले की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बलवंत सिंह ने कहा कि वर्ष 2005 में संतोषगढ़ में गुरु रविदास महाराज के मंदिर को गिराने की एक साजिश रची गई थी। मंदिर को बचाने के लिए समाज ने कड़ा संघर्ष किया, जिसमें पूर्व विधायक शिंगारा राम सहूंगड़ा सहित 103 क्रांतिकारियों को 35 दिनों तक जेल की यातनाएं सहनी पड़ीं।
अंततः समाज के संघर्ष की जीत हुई, तत्कालीन सरकार को झुकना पड़ा, सभी केस वापस हुए और मंदिर का भव्य निर्माण हुआ। इसी विजय को 'फतेह दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
दो दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा:
मेले का शुभारंभ ऐतिहासिक गुरु रविदास मंदिर से 'फतेह यात्रा' के साथ होगा। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। यह यात्रा ऊना मुख्यालय और बहडाला होते हुए वापस संतोषगढ़ पहुंचेगी। इस दिन पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गड़ी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
इस अवसर पर मंदिर कमेटी के वरिष्ठ उप प्रधान कश्मीरी लाल सिंघा, सचिव मनोहर भीसी, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार सहित बलराम महे, राज कुमार, सुलिंदर व अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।