विभाग ने डिपो से मांगा ऐसे कार्ड धारकों का आंकड़ा, ई-केवाईसी और सत्यापन के लिए मिलेगा 90 दिन का समय
खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले राशन कार्डों की जांच की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की है।
लगातार छह माह तक राशन नहीं लेने वाले राशन कार्डों को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है। विभाग ने जिले के खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षकों को उचित मूल्य की दुकानों (डिपो) से ऐसे राशन कार्ड धारकों का आंकड़ा जुटाने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने पिछले छह माह के दौरान राशन नहीं लिया है।
विभाग की ओर से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रहे राशन कार्डों की पड़ताल की जाएगी। इसके साथ ही डुप्लीकेट लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार आधारित क्रॉस-मैचिंग की जाएगी।
इससे एक से अधिक स्थानों पर दर्ज लाभार्थियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। हालांकि, किसी राशन कार्ड को स्थायी रूप से हटाने से पहले संबंधित लाभार्थी को 90 दिन का अवसर दिया जाएगा। इस अवधि में लाभार्थी ई-केवाईसी पूरी करवाने के साथ क्षेत्रीय सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी करवा सकेगा। सत्यापन में पात्र पाए जाने पर लाभार्थी को पीडीएस का लाभ जारी रखा जाएगा।
मोबाइल पर एसएमएस से मिलेगी सूचना
यदि किसी राशन कार्ड या लाभार्थी को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जाता है तो इसकी सूचना राशन कार्ड के मुखिया के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी।
विभाग ने राशन कार्ड धारकों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर लें, ताकि पात्र होने के बावजूद उन्हें पीडीएस के लाभ से वंचित न होना पड़े। जिले में करीब 320 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और लगभग डेढ़ लाख राशन कार्ड धारकों को इन दुकानों के माध्यम से निर्धारित दरों पर राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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