हमीरपुर।
हिमाचल प्रदेश में प्रवेश कर (एंट्री टैक्स) की दरों में हुई बढ़ोतरी को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा के वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सीधा प्रहार करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली को 'जनता को निचोड़ने वाली नीति' करार दिया है।
राणा ने चेतावनी दी कि यदि इन जनविरोधी फैसलों को वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेश की जनता को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रवेश कर में भारी वृद्धि से बाहरी राज्यों से आने वाले रोजमर्रा के सामान पर सीधा असर पड़ेगा। बाहरी राज्यों से माल लाने वाले व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, जिससे प्रदेश में जरूरत का सामान और भी महंगा हो जाएगा।
राणा ने आरोप लगाया कि एक तरफ केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल के विकास के लिए 3,920 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की है, वहीं दूसरी तरफ सुक्खू सरकार पेट्रोल और डीजल पर ₹5 अतिरिक्त सेस लगाकर जनता की जेब काट रही है।
मुख्यमंत्री की जिद के कारण आज हिमाचल की छवि खराब हो रही है। प्रवेश कर बढ़ाने का फैसला तुरंत वापस लिया जाना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा नुकसान आम आदमी को हो रहा है।— राजेंद्र राणा, वरिष्ठ प्रवक्ता, भाजपा
राजेंद्र राणा ने केवल नीतिगत मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर व्यक्तिगत सवाल उठाए। उन्होंने दिल्ली के एक चर्चित वाकये का जिक्र करते हुए पूछा मुख्यमंत्री दिल्ली के रेडिसन होटल के कमरा नंबर 411 में 72 घंटे तक क्या कर रहे थे?
राणा ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री ने कुछ गलत नहीं किया है, तो उन्हें इस मुद्दे पर जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इस मामले पर उनकी चुप्पी जनता के बीच उनकी छवि को और संदिग्ध बना रही है।
पूर्व विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री की "जिद" प्रदेश के आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुँचा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केंद्र से मिल रही भारी वित्तीय मदद के बावजूद अनावश्यक टैक्स लगाकर जनता को भ्रमित कर रही है। राणा के अनुसार, यदि सरकार ने जल्द ही इन सवालों और करों पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया, तो प्रदेश में स्थिति और गंभीर हो सकती है।