मंदिर प्रबंधन पर लगाए आरोपों को बताया बेबुनियाद, पंचायत बोली- जांच के लिए तैयार; मानहानि का मुकदमा दायर करने की दी चेतावनी
पीर निगाह मंदिर के अधिकार और प्रबंधन को लेकर चल रहा विवाद अब और तेज हो गया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा द्वारा मंदिर के चढ़ावे और प्रबंधन को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद ग्राम पंचायत बसोली खुलकर उनके विरोध में सामने आई है।
पंचायत प्रधान सतनाम सिंह और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक के आरोपों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि बाबा पीर निगाह बसोली सहित पूरे क्षेत्र के लोगों के कुलदेवता हैं और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं।
'मंदिर प्रबंधन पूरी तरह पारदर्शी'
पंचायत प्रधान सतनाम सिंह ने कहा कि मंदिर का प्रबंधन पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और राजस्व अभिलेखों के अनुसार ग्राम पंचायत के अधीन संचालित किया जा रहा है। मंदिर की आय-व्यय का पूरा रिकॉर्ड पारदर्शी तरीके से रखा जाता है और इसकी जानकारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तथा बीडीओ कार्यालय के पास उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को मंदिर के प्रबंधन को लेकर कोई संदेह है तो पंचायत किसी भी स्तर की निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह तैयार है।
'दो महीने की आय दिखाकर लोगों को किया जा रहा गुमराह'
पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक केवल दो महीनों की आय को आधार बनाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं दो महीनों में प्राप्त चढ़ावे से पूरे वर्ष मंदिर का संचालन, रखरखाव, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं और विकास कार्य संचालित किए जाते हैं।
पंचायत का दावा है कि मंदिर परिसर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार पर अब तक लगभग 21 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
'धार्मिक आस्था को राजनीति से जोड़ने का प्रयास'
प्रेस वार्ता में पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पहली बार किसी पूर्व विधायक द्वारा धार्मिक आस्था से जुड़े विषय को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज तक किसी भी सरकार या जनप्रतिनिधि ने मंदिर के प्रबंधन में हस्तक्षेप नहीं किया, लेकिन अब राजनीतिक स्वार्थ के कारण अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।
मानहानि के मुकदमे की चेतावनी
पंचायत प्रधान सतनाम सिंह ने कहा कि यह मामला किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे गांव की आस्था, सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़े भविष्य के सभी निर्णय गांव के लोग सामूहिक रूप से लेंगे और बाबा पीर निगाह की परंपराओं तथा गरिमा की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे को लेकर पूर्व विधायक द्वारा की जा रही बयानबाजी तत्काल बंद की जाए, अन्यथा पूरे गांव के लोग उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।
सतनाम सिंह ने कहा कि यदि पूर्व विधायक किसी भी प्रकार की जांच करवाना चाहते हैं तो पंचायत उसका स्वागत करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच होने की स्थिति में कई तथ्य सामने आ सकते हैं, इसलिए इस मामले को राजनीतिक रूप दिया जा रहा है।
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