नूरपुर:
नूरपुर जिला पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की सीआईए (CIA) टीम ने मीलवां क्षेत्र में मुस्तैदी दिखाते हुए एक अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है और एक कार सवार व्यक्ति को भारी मात्रा में हेरोइन (चिट्टे) के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
कार के स्टीयरिंग काउल में छिपाया था नशा
नूरपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) कुलभूषण वर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम उलेहड़ियां-मीलवां मार्ग पर रेलवे फाटक के समीप नियमित चेकिंग पर थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि पंजाब का एक शातिर नशा तस्कर अपनी कार में भारी मात्रा में चिट्टा छिपाकर मीलवां क्षेत्र में सप्लाई देने आ रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्वतंत्र गवाहों को साथ लिया और नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका।
जब सफेद रंग की होंडा अमेज कार की गहनता से तलाशी ली गई, तो पुलिस कर्मी भी हैरान रह गए। तस्कर ने चिट्टे का पैकेट कार के स्टीयरिंग काउल कवर के अंदर बड़ी चालाकी से छिपा रखा था।
ड्रग डिटेक्शन किट से जांच करने पर बरामद पदार्थ 'चिट्टा' पाया गया, जिसका कुल वजन 264.6 ग्राम मापा गया। बरामद नशे की यह मात्रा एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत व्यावसायिक श्रेणी (Commercial Quantity) में आती है।
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं तीन केस, पंजाब से जेके तक जुड़े हैं तार
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान जितेंद्र सिंह, निवासी भर्टवाल (डाकघर रियाली कलां, तहसील बटाला, जिला गुरदासपुर, पंजाब) के रूप में हुई है। एसपी कुलभूषण वर्मा ने बताया कि आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ पहले से ही विभिन्न राज्यों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत तीन मामले दर्ज हैं।
प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी के तार पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर तक फैले नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं।
कार और चिट्टा जब्त, आगामी जांच जारी
नूरपुर पुलिस ने नशीले पदार्थ और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही होंडा अमेज कार को अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशीले पदार्थों की यह खेप कहां से लाई गई थी और हिमाचल में इसे किसे डिलीवर किया जाना था।
एसपी ने दोहराया कि क्षेत्र से नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस का यह सख्त अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा।