शिमला
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित '12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' अभियान के अंतर्गत शिमला में एक भव्य बुद्धिजीवी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में केंद्रीय स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को भारत के इतिहास में स्वर्णिम बताते हुए कहा कि ये वर्ष विकसित भारत की मजबूत नींव रखने वाले परिवर्तनकारी कालखंड रहे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इन 12 वर्षों में हिमाचल प्रदेश को विकास की नई रफ्तार मिली है, विशेषकर सड़क, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। एम्स बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर व नाहन में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण ने हिमाचल की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है।
जनकल्याणकारी योजनाओं से लाखों परिवारों के जीवन में आया बदलाव
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के लाखों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों का विशेष रूप से उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि इन योजनाओं ने न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल सुनिश्चित किया है, बल्कि महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर और गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाया है।
नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार देश के प्रधान सेवक के रूप में कार्य करना एक नया कीर्तिमान है, जो 140 करोड़ भारतीयों के अटूट विश्वास का प्रतीक है। इसी जनविश्वास के बल पर देश आजादी के अमृतकाल में वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राजनीतिक संस्कृति में बदलाव और विकास के नए कीर्तिमान
अपने संबोधन में जेपी नड्डा ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश की राजनीति जातिवाद, परिवारवाद, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार से ग्रस्त थी, जिसे बदलते हुए पीएम मोदी ने राजनीति को सेवा, सुशासन और जवाबदेही का माध्यम बनाया है।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति, भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण, तीन तलाक और सीएए (CAA) जैसे ऐतिहासिक निर्णयों का जिक्र करते हुए कहा कि आज देश में विकास और सुशासन की नई परिभाषा लिखी जा चुकी है।
पिछले 12 वर्षों में देश के आधारभूत ढांचे में आई क्रांति का उल्लेख करते हुए उन्होंने रेलवे के विद्युतीकरण में 200% की वृद्धि, रक्षा निर्यात में 5700% का उछाल और देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 376 से बढ़कर 820 से अधिक होने को एक बड़ा मील का पत्थर बताया।
चंद्रयान-3 की सफलता, डिजिटल इंडिया और वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें आज बदलते और आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान बन चुकी हैं।