कुमारहट्टी से परवाणू तक सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए पशुपालन विभाग की कार्रवाई, एनएचएआई देगा अभियान में पूरा सहयोग।
राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (एनएच-5) पर कुमारहट्टी से परवाणू के बीच सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे आवारा गौवंश को हटाने के लिए पशुपालन विभाग ने विशेष अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के पहले ही दिन चार आवारा पशुओं का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें निकटतम गौशालाओं में पहुंचाया गया।
जिला प्रशासन के निर्देश पर शुरू हुई कार्रवाई
पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि यह अभियान जिला उपायुक्त के निर्देशों के तहत शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर घूम रहे आवारा पशु लगातार सड़क हादसों की वजह बन रहे हैं। हाल ही में एक व्यक्ति की मौत भी ऐसे ही एक हादसे में हुई थी, जिसके बाद प्रशासन ने इस दिशा में सख्त कदम उठाने का फैसला किया।
एनएचएआई देगा हर संभव सहयोग
डॉ. लांबा के अनुसार, इस अभियान को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक में एनएचएआई ने अभियान के लिए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
आवश्यकता पड़ने पर मैनपावर, मशीनरी, ट्रक और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, आवारा गौवंश को गौशालाओं तक सुरक्षित पहुंचाने में होने वाला परिवहन खर्च भी एनएचएआई द्वारा वहन किया जाएगा।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में चल रहा अभियान
यह अभियान वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, धर्मपुर, डॉ. बी. बी. करकरा के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य कुमारहट्टी से परवाणू तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौजूद सभी आवारा गौवंश को सुरक्षित तरीके से हटाकर निकटतम गौशालाओं में पहुंचाना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा अभियान
डॉ. विवेक लांबा ने कहा कि जिला प्रशासन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और उपायुक्त के आदेशों का गंभीरता से पालन कर रहा है। आने वाले दिनों में अभियान लगातार जारी रहेगा और राष्ट्रीय राजमार्ग पर घूम रहे आवारा पशुओं को चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा।
इससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और राजमार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
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