बदारन गांव में एक साथ उठीं जेठानी-देवरानी की अर्थियां, एक साथ जलीं चिताएं; गहरे रिश्ते ने हर आंख को किया नम
नादौन उपमंडल के बदारन गांव में रविवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। जेठानी की मौत के सदमे में देवरानी ने भी कुछ ही देर बाद प्राण त्याग दिए। दोनों के बीच रिश्ते इतने मधुर और गहरे थे कि एक की मौत की खबर दूसरे के लिए भी जानलेवा सदमा बन गई।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे 70 वर्षीय शकुंतला देवी पत्नी स्वर्गीय ईश्वर दास की घर पर अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तुरंत नादौन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका निधन हो गया।
शकुंतला देवी की मौत की खबर जब उनकी 60 वर्षीय देवरानी कमलेश कुमारी पत्नी स्वर्गीय अमर सिंह को मिली तो वह बेहद भावुक हो गईं और काफी देर तक रोती रहीं। बताया जा रहा है कि करीब 11:30 बजे अचानक उनकी भी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल नादौन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।
एक साथ उठीं दोनों की अर्थियां
दोनों महिलाओं की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। शाम को दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं और अंतिम संस्कार भी एक साथ किया गया। सैकड़ों नम आंखों ने दोनों को अंतिम विदाई दी।
स्वजनों के अनुसार, शकुंतला देवी और कमलेश कुमारी के बीच हमेशा बेहद मधुर संबंध रहे। दोनों एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़ी रहती थीं। जेठानी की अचानक मौत का सदमा देवरानी सहन नहीं कर सकीं और कुछ ही देर बाद उनकी भी मौत हो गई।
परिवार में पसरा मातम
शकुंतला देवी के चार बेटे हैं, जबकि कमलेश कुमारी की तीन बेटियां और एक बेटा है। एक ही परिवार की दो महिलाओं की कुछ ही समय के अंतराल में मौत होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद नादौन के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता विजय अग्निहोत्री भी बदारन गांव पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की बात कही।
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