कुल्लू
हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल मणिकर्ण घाटी के अंतर्गत कसोल के जंगलों में चल रही एक रेव पार्टी पर कुल्लू पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हिमाचल हाई कोर्ट द्वारा रेव पार्टियों और बढ़ते नशे पर कड़ा संज्ञान लिए जाने के बाद पुलिस ने यह त्वरित एक्शन लिया है।
इस छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं और मौके से पंजाब व केरल के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
अनुमति की आड़ में परोसा जा रहा था हाई-प्रोफाइल नशा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आयोजकों ने इस म्यूज़िक पार्टी को आयोजित करने के लिए स्थानीय प्रशासन से विधिवत अनुमति (परमिशन) तो ली थी, लेकिन इसकी आड़ में अवैध रूप से हाई-प्रोफाइल सिंथेटिक ड्रग्स का इस्तेमाल और सप्लाई की जा रही थी।
खुफिया सूचना के आधार पर जब पुलिस की विशेष टीम ने कसोल के जंगलों में चल रही पार्टी पर अचानक दबिश दी, तो वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
केरल और पंजाब के आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे
तलाशी के दौरान पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को दबोचा, जो बाहरी राज्यों से नशीले पदार्थों की खेप लेकर आए थे राहुल सांई (33 वर्ष) निवासी रागम-37, एर्नाकुलम, केरल। इसके कब्जे से पुलिस ने 0.96 ग्राम शुद्ध कोकीन बरामद की।
चिराग भाटिया निवासी खरड़, जिला एसएएस नगर (मोहाली), पंजाब। इसके पास से पुलिस को 1.31 ग्राम कोकीन, दो गुलाबी रंग की सिंथेटिक एक्स्टेसी (Ecstasy) गोलियां, 2.7 ग्राम चरस और पांच हिस्सों वाली एलएसडी (LSD) पेपर स्ट्रिप बरामद हुई।
मणिकर्ण पुलिस थाने में दो एफआईआर दर्ज
पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ मणिकर्ण थाना में मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मणिकर्ण घाटी में चल रहे इस हाई-प्रोफाइल ड्रग्स नेटवर्क के पीछे और कौन से बड़े सप्लायर शामिल हैं।
पर्यटन स्थलों पर अभियान रहेगा जारी: एसपी मदन लाल
कुल्लू के पुलिस अधीक्षक (SP) मदन लाल कौशल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि घाटी के पर्यटन स्थलों पर शांति व्यवस्था और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है।
उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि देवभूमि की संस्कृति को खराब करने वाले और नशे का अवैध कारोबार करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा तथा इस प्रकार के औचक चेकिंग अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।