भारतीय सेना और डीआरडीओ के सहयोग से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को मिले तीन नए रक्षा एवं विज्ञान आधारित शोध प्रोजेक्ट
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के 57वें स्थापना दिवस समारोह में कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कर्मचारियों, पेंशनरों और शोध क्षेत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का लंबित एरियर जारी करेगा।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े लंबित मामलों का चरणबद्ध तरीके से समाधान कर रहा है। इसी दिशा में वरिष्ठ पेंशनरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लंबित वित्तीय लाभ देने का निर्णय लिया गया है।
सेना और डीआरडीओ के सहयोग से मिले तीन नए शोध प्रोजेक्ट
स्थापना दिवस समारोह के दौरान कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने बताया कि एचपीयू को भारतीय सेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के सहयोग से तीन महत्वपूर्ण शोध परियोजनाएं मिली हैं। इन परियोजनाओं से विश्वविद्यालय की शोध क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि पहला शोध प्रोजेक्ट भारतीय सेना के सहयोग से करीब 10 करोड़ रुपये का है। इस परियोजना के तहत उच्च हिमालयी क्षेत्रों के लिए विशेष सामग्री प्रौद्योगिकी विकसित करने पर काम किया जाएगा। यह तकनीक भविष्य के सैन्य अभियानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
रेडियोलॉजिकल सुरक्षा और रडार तकनीक पर होगा शोध
कुलपति ने बताया कि दूसरा शोध प्रोजेक्ट डीआरडीओ की आईएनएमएएस (INMAS) प्रयोगशाला के सहयोग से मिला है, जिसकी लागत करीब 82 लाख रुपये है। इस परियोजना में ऐसे सूक्ष्मजीवों पर शोध किया जाएगा, जो रेडियोलॉजिकल खतरों जैसे डर्टी बम से सुरक्षा में सहायक हो सकते हैं।
इसके अलावा विश्वविद्यालय को 87 लाख रुपये का तीसरा शोध प्रोजेक्ट भी मिला है। यह परियोजना आधुनिक रडार तकनीक के विकास से जुड़ी हुई है।
रक्षा और विज्ञान अनुसंधान में एचपीयू बढ़ाएगा भागीदारी
प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि इन शोध परियोजनाओं से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर काम करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि एचपीयू का लक्ष्य रक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट अनुसंधान संस्थान के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए प्रयास कर रहा है। स्थापना दिवस के अवसर पर की गई घोषणाओं को विश्वविद्यालय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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