शिमला
भारत और अमेरिका के बीच हालिया ट्रेड डील (व्यापारिक समझौते) को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
शिमला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने ऐलान किया कि इस "देश विरोधी" समझौते के विरोध में 16 मार्च को दिल्ली में एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार अमेरिकी प्रशासन के दबाव में झुक गई है। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि अब अमेरिका यह तय कर रहा है कि भारत को किससे और कब तक तेल खरीदना है।
छतर ठाकुर ने कहा कि इस तरह के फैसले देश की आर्थिक और रणनीतिक स्वतंत्रता के लिए घातक हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के साथ हुई यह ट्रेड डील भारत के स्थानीय हितों की बलि देकर तैयार की गई है, जिससे देश को भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
छतर ठाकुर ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने AI समिट (कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिखर सम्मेलन) का जिक्र करते हुए कहा कि जब युवा कांग्रेस ने वहां अपनी आवाज उठाई, तो सरकार ने इसे 'देश की छवि खराब करने' का नाम देकर कार्रवाई की।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जब विपक्ष सवाल पूछता है तो वह देश विरोधी हो जाता है, लेकिन जब समिट में चीन के रोबोट को अपना बताकर पेश किया जाता है, क्या तब देश की छवि खराब नहीं होती?"
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि वे इस ट्रेड डील की शर्तों को लेकर जनता के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करें। उन्होंने बताया कि हिमाचल से भारी संख्या में युवा कार्यकर्ता 16 मार्च को दिल्ली पहुँचेंगे और केंद्र सरकार की इन नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेंगे।