शिमला ।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में जहां ताजा हिमपात हुआ है, वहीं निचले और मध्यवर्ती क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए प्रदेश के कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले समय में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
पहाड़ों पर चांदी, मैदानों में ओले
रोहतांग दर्रा, शिंकुला और बारालाचा जैसी ऊंची चोटियों सहित लाहौल-स्पीति के गोंदला में ताजा हिमपात दर्ज किया गया है। इसके विपरीत, राजधानी शिमला सहित मशोबरा, कुफरी, ठियोग, कुमारसैन, रोहडू और चौपाल में भारी ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि इतनी भीषण थी कि सड़कों और बागानों में सफेद चादर बिछ गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
बेमौसम की इस ओलावृष्टि और आंधी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। शिमला और आसपास के क्षेत्रों में सेब के बागानों सहित अन्य गुठलीदार फलों (Stone Fruits) को काफी नुकसान पहुँचा है।
वहीं, मैदानी इलाकों में तेज आंधी और बारिश के कारण गेहूं और मटर की तैयार फसलें खेतों में बिछ गई हैं। बागवानों का कहना है कि फलों की सेटिंग के समय हुई यह ओलावृष्टि साल भर की कमाई पर पानी फेर सकती है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, धर्मशाला में सबसे अधिक 34 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कांगड़ा में 32 और चौपाल में 22 मिलीमीटर वर्षा हुई। बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 6.7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। हालांकि ऊना में तापमान 34.6 डिग्री के साथ सबसे अधिक रहा, लेकिन यह भी सामान्य से 2.8 डिग्री कम दर्ज किया गया।
अगले 24 घंटों के लिए 'यलो अलर्ट'
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार के लिए चंबा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू जिले में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी। न्यूनतम तापमान में भी 1 से 2 डिग्री की गिरावट आने का अनुमान है।" - मौसम विभाग, शिमला