मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश, भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और तेज हवाओं की चेतावनी दी है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), शिमला ने राज्य के कई जिलों में 30 और 31 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, 29 जुलाई से 4 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में 30 और 31 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।
लगातार बारिश के चलते संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है, क्योंकि फिसलन और कम दृश्यता से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। वहीं, बागवानी और कृषि फसलों को भी नुकसान पहुंचने की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा जिले के पालमपुर में सबसे अधिक 13 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा जोगिंद्रनगर में 11 सेंटीमीटर और कांगड़ा एयरो स्टेशन पर 10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन तथा मौसम विभाग द्वारा जारी सभी एडवाइजरी का पालन करें, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।
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