हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के शिमला केंद्र ने 21 से 27 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
इन जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी के अनुसार, आगामी दिनों में चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, सिरमौर और शिमला जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को विशेष रूप से चंबा और कांगड़ा में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है।
वहीं मंडी, कुल्लू और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि शिमला के कुछ क्षेत्रों में भी मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है।
भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव का बढ़ा खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), जलभराव और नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका है। कई स्थानों पर सड़कें बाधित हो सकती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होने की संभावना है। खराब दृश्यता के कारण वाहन चालकों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, लगातार बारिश से बागवानी और कृषि फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
आईएमडी की लोगों से अपील
मौसम विभाग ने लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
साथ ही, ट्रेकिंग, कैंपिंग और अन्य पर्वतीय गतिविधियों को फिलहाल टालने की सलाह भी दी गई है।
बीते 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई।
सबसे अधिक वर्षा कांगड़ा जिले के पालमपुर में 14 सेंटीमीटर रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा:
रेणुका/ददाहू (सिरमौर) – 11 सेंटीमीटर
जट्टों बैराज – 10 सेंटीमीटर
नाहन, पांवटा साहिब और राजगढ़ सहित कई क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।
बारिश से तापमान में आई गिरावट
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया।
प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान कुकुमसेरी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पांवटा साहिब में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अगले कुछ दिनों तक मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार, 27 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
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