मंडी
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन और स्थानीय खान-पान को अधिक सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए एक बड़ी मुहिम शुरू की गई है। नेस्ले इंडिया ने प्रदेश के खाद्य सुरक्षा विभाग और नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) के साथ मिलकर राज्य में अपनी महत्वाकांक्षी ‘सर्व सेफ फूड’ (Serve Safe Food) परियोजना के विस्तार की घोषणा की
है। इस नए चरण के तहत राज्य के 5 प्रमुख जिलों में 1,000 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस विस्तार के बाद हिमाचल प्रदेश में प्रशिक्षित फूड वेंडर्स की कुल संख्या बढ़कर 4,500 से अधिक हो जाएगी।
इन 5 जिलों में वेंडर्स को निखारेगा NASVI
इस परियोजना के तहत नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) हिमाचल प्रदेश के पांच प्रमुख पर्यटन और व्यापारिक जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगा मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, ऊना, शिमला।इस विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मुख्य रूप से व्यक्तिगत स्वास्थ्य,
स्वच्छता (Hygiene), सुरक्षित खाद्य प्रबंधन, कचरा निपटान (Waste Disposal) और उद्यमिता (Entrepreneurship) से संबंधित व्यावहारिक गुण सिखाए जाएंगे।
स्ट्रीट फूड संस्कृति को मजबूत करना हमारा लक्ष्य: ग्रामीण विकास मंत्री
परियोजना की सराहना करते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा हिमाचल प्रदेश अपने मनमोहक पहाड़ों, समृद्ध परंपराओं और मेहमाननवाजी के लिए दुनिया भर के पर्यटकों की पहली पसंद रहा है।
यहाँ की जीवंत स्ट्रीट फूड संस्कृति भी पर्यटकों के अनुभव का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम इसे और अधिक सशक्त और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं राज्यभर में सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य प्रथाओं को प्रोत्साहित करने के लिए नेस्ले इंडिया और NASVI के इस साझा सहयोग की सराहना करता हूँ।
व्यवहार में सकारात्मक और दीर्घकालिक बदलाव की उम्मीद
नेस्ले इंडिया में सस्टेनेबिलिटी एवं सामाजिक पहलों के प्रमुख कुँवर हिम्मत सिंह ने इस पहल पर बात करते हुए कहा कि कंपनी केवल उत्पादों तक सीमित न रहकर देश में खाद्य सुरक्षा के मानकों को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, "इस परियोजना के माध्यम से हम वेंडर्स को जमीनी स्तर पर ट्रेनिंग देते हैं, जिससे उनके कौशल और जागरूकता दोनों को मजबूती मिलती है। हमें पूरा विश्वास है कि यह पहल वेंडर्स के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाएगी और उनके व्यवसाय की वृद्धि में मददगार साबित होगी।"
देश के 27 राज्यों में फैल चुका है नेटवर्क
उल्लेखनीय है कि नेस्ले इंडिया ने वर्ष 2016 में ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना की शुरुआत की थी। पिछले एक दशक में यह पहल देश के एक बड़े हिस्से में अपनी पहचान बना चुकी है।
अब तक देश के 27 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में 1,20,000 (एक लाख बीस हजार) से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेता इस ट्रेनिंग का लाभ उठा चुके हैं। असम, दिल्ली, गोवा, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के बाद अब हिमाचल में इसका दायरा बढ़ने से यहाँ आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों को साफ-सुथरा और सेहतमंद स्थानीय जायका मिल सकेगा।