शिमला।
हिमाचल प्रदेश में नगर निकायों (ULB) के चुनावों का रास्ता साफ हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने शिमला नगर निगम को छोड़कर प्रदेश के शेष सभी 73 शहरी निकायों के लिए 31 मार्च 2026 तक आरक्षण रोस्टर जारी करने का नया शेड्यूल जारी कर दिया है। आयोग ने सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद नया शेड्यूल
गौरतलब है कि वार्डों के परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया जुलाई 2025 में ही पूरी होनी थी, लेकिन मामला न्यायालय में चले जाने के कारण इसमें देरी हुई। अब सर्वोच्च न्यायालय ने आयोग को 31 मार्च 2026 तक सभी चुनावी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
लॉटरी के लिए जारी होगा 3 दिन का नोटिस
आयोग का मानना है कि पिछली प्रक्रिया को बीते 8 महीने से अधिक का समय हो गया है, इसलिए अब नए सिरे से कार्यक्रम जारी करना अनिवार्य है। उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आरक्षण के लिए 3 दिन का क्लियर नोटिस जारी करेंगे। इस नोटिस में लॉटरी निकालने की निश्चित तारीख, स्थान और समय का स्पष्ट उल्लेख होगा ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रहे।
मंडी में चुनावी नियुक्तियां शुरू
चुनावों की तैयारियों के बीच मंडी जिला में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अपूर्व देवगन ने चुनावी मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। जिले के सभी एसडीएम (SDM) को उनके क्षेत्रों में पंचायत समिति चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी (RO) और जिला परिषद चुनाव के लिए सहायक निर्वाचन अधिकारी (ARO) नियुक्त किया गया
है। इन अधिकारियों को मतदान कर्मचारियों की नियुक्ति, नामांकन पत्रों की जांच और प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार करने की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। 31 मार्च तक रोस्टर जारी होने के बाद यह तय हो जाएगा कि कौन से वार्ड 'हॉट सीट' बनेंगे और कहाँ से दिग्गजों के चुनाव लड़ने पर पाबंदी लग सकती है। इससे अप्रैल के महीने में प्रदेश का सियासी पारा चढ़ना तय है।