मंडी।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर केंद्रीय वित्तीय सहायता को लेकर जमकर निशाना साधा है।
मंडी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार केंद्र से मिल रही भारी-भरकम आर्थिक मदद के सहारे ही चल रही है, लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री में केंद्र सरकार का आभार जताने तक शिष्टता नहीं है।जयराम ठाकुर ने दावा किया कि केंद्र सरकार की मदद के बिना प्रदेश सरकार इस समय सरकारी कर्मचारियों को वेतन तक देने की स्थिति में नहीं होती।
केंद्र से मिली ₹3920 करोड़ की स्पेशल रिलीफ, ₹2600 करोड़ हुए जारी
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए 3,920 करोड़ रुपये की स्पेशल रिलीफ (विशेष राहत) स्वीकृत की है। इस कुल राशि में से 2,600 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्रदेश सरकार को प्राप्त भी हो चुकी है।
जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया यह कोई साधारण आपदा राहत कोष (RDG) नहीं है, बल्कि यह उससे कहीं बढ़कर है। केंद्र सरकार ने यह धनराशि 'अनटाइड ग्रांट' (Untied Grant) के रूप में दी है, यानी प्रदेश सरकार अपनी सुविधानुसार इसे किसी भी क्षेत्र में खर्च करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।
सबसे बड़ी बात यह है कि यह सहायता केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को 50 वर्षों के लिए बिना ब्याज के ऋण के रूप में दी गई है। इसी पैसे के दम पर आज सुक्खू सरकार वेतन आदि का भुगतान कर पा रही है और खुद को सहज महसूस कर रही है।
चार साल से सिर्फ भाजपा को कोसने का काम कर रही सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार के लगभग चार साल के कार्यकाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उनकी सरकार ने इस पूरे समय में विकास का कोई काम नहीं किया। सरकार का एकमात्र एजेंडा केवल भाजपा को कोसना और अपनी नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना रहा है।
जयराम ठाकुर ने सीधा सवाल दागते हुए कहा, मुख्यमंत्री कब तक भाजपा को कोसते रहेंगे और प्रदेश के विकास की ओर कब ध्यान देंगे? मुख्यमंत्री ने अपनी गलत नीतियों से पूरे प्रदेश का बंटाधार करके रख दिया है।
चुनावों में चुन-चुनकर कांग्रेस नेताओं को हराएगी जनता
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि सरकार की इसी निष्क्रियता और केवल विपक्ष को निशाना बनाने की रणनीति के कारण जनता में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि इसी नाराजगी का नतीजा है कि कांग्रेस को हालिया पंचायत और नगर निकाय चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा है।
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को इससे भी ज्यादा करारी हार झेलनी पड़ेगी। प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली से इतनी दुखी और त्रस्त हो चुकी है कि वे आने वाले समय में चुन-चुनकर कांग्रेस के नेताओं को हराएंगे और सत्ता से बेदखल करेंगे।