हिमाचल में औद्योगिक भांग की खेती को मिली नई दिशा, ‘ग्रीन टू गोल्ड’ पहल से बनेगा हेम्प हब

हिमाचल में औद्योगिक भांग की खेती को मिली नई दिशा, ‘ग्रीन टू गोल्ड’ पहल से बनेगा हेम्प हब
हिमाचल में औद्योगिक भांग की खेती को मिली नई दिशा, ‘ग्रीन टू गोल्ड’ पहल से बनेगा हेम्प हब

Published:

टी-शर्ट, रस्सियां, कागज और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों का होगा निर्माण, सरकार को हजारों करोड़ के राजस्व और रोजगार सृजन की उम्मीद

हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों और घाटियों में वर्षों से जंगली पौधे के रूप में उगने वाली भांग अब प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में है। राज्य सरकार की ‘ग्रीन टू गोल्ड’ पहल के तहत औद्योगिक भांग (हेम्प) की नियंत्रित और लाइसेंस आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य इस फसल को किसानों की आय, ग्रामीण रोजगार और औद्योगिक विकास का नया आधार बनाना है।

हेम्प से बनेंगे कई उपयोगी उत्पाद

अब तक नशे और अवैध कारोबार से जोड़ी जाने वाली भांग का उपयोग अब औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जाएगा। हेम्प के रेशों से तैयार किए जाएंगे:

उत्तराखंड और असम के बाद हिमाचल भी देश का प्रमुख हेम्प हब बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

सरकार को हजारों करोड़ के राजस्व की उम्मीद

राज्य सरकार का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में औद्योगिक भांग का क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व दे सकता है। साथ ही यह किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रदेश के कुल्लू, मंडी, शिमला और चंबा जैसे क्षेत्रों में भांग प्राकृतिक रूप से बड़ी मात्रा में उगती है। अब तक यह संसाधन काफी हद तक अनुपयोगी था, लेकिन नई नीति के तहत इसे आर्थिक संपदा में बदलने की योजना बनाई गई है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी इस पहल को "वाइल्ड वीड से हिमालयन गोल्ड" की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

खेती से उद्योग तक बनेगी पूरी वैल्यू चेन

सरकार औद्योगिक भांग की खेती, प्रसंस्करण, उत्पाद निर्माण और विपणन तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इससे प्रदेश में:

को नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

किसानों के लिए नकदी फसल का नया विकल्प

बंदरों, जंगली सुअरों और अन्य वन्यजीवों से फसलों को होने वाले नुकसान के कारण कई किसान पारंपरिक खेती से दूरी बना रहे हैं। ऐसे में औद्योगिक भांग उनके लिए एक बेहतर नकदी फसल साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार:

नशे नहीं, उद्योग पर रहेगा फोकस

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक भांग की खेती पूरी तरह नियंत्रित और लाइसेंस आधारित होगी। केवल उन्हीं किस्मों की खेती की अनुमति होगी, जिनमें टीएचसी (THC) की मात्रा 0.3 प्रतिशत से कम होगी। इस स्तर पर पौधे का नशीला उपयोग संभव नहीं होता।

खेती, परिवहन, भंडारण और प्रसंस्करण की सभी गतिविधियां सरकारी निगरानी और लाइसेंस व्यवस्था के तहत संचालित की जाएंगी, ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके।

follow us on facebook
subscribe to us on youtube

इस खबर के विषय

संबंधित खबरें

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

पशु चिकित्सालय घवांडल में आयोजित पशु जन्म नियंत्रण शिविर में 15 श्वानों की सफल शल्य चिकित्सा की गई। इनमें 7 मादा और 8 नर कुत्ते शामिल रहे। शिविर का उद्देश्य ...

पूरा पढ़ें (Read More) →
करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

बिलासपुर के श्री नयना देवी जी क्षेत्र के भटेड गांव में करंट लगने से जान गंवाने वाले गुरमेल सिंह के परिवार ने प्रशासन पर सुध न लेने का आरोप लगाया है। परिवार क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

हिमाचल को चिट्टे के नशे से मुक्त बनाने के उद्देश्य से 13 नवंबर को मंडी में एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू...

पूरा पढ़ें (Read More) →
बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीबीएमबी में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कानूनी लड़ाई क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने BBMB मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल की बड़ी जीत बताया है। उनके अनुसार प्रदेश को 11,975 मिलियन यूनिट बिजली की बका...

पूरा पढ़ें (Read More) →

इससे पहले और बाद की खबरें