हिमाचल में पूर्व CPS के सरकारी आवास पर हाईकोर्ट सख्त, बिना आवेदन ठहराव नियमित करने पर सरकार से मांगा जवाब

हिमाचल में पूर्व CPS के सरकारी आवास पर हाईकोर्ट सख्त, बिना आवेदन ठहराव नियमित करने पर सरकार से मांगा जवाब
हिमाचल में पूर्व CPS के सरकारी आवास पर हाईकोर्ट सख्त, बिना आवेदन ठहराव नियमित करने पर सरकार से मांगा जवाब

Published:

हाईकोर्ट ने 4 मई के सरकारी आदेश पर जताई नाराजगी, मुख्य सचिव से तीन बिंदुओं पर हलफनामा तलब; 19 अगस्त को अगली सुनवाई

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने छह पूर्व मुख्य संसदीय सचिवों (CPS) के सरकारी आवासों में ठहराव को बिना आवेदन नियमित करने के मामले में राज्य सरकार पर सख्ती दिखाई है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने 4 मई 2026 के उस सरकारी आदेश पर नाराजगी जताई,

जिसके तहत पूर्व सीपीएस के सरकारी आवासों में ठहराव को बिना किसी आवेदन के नियमित किया गया था।

सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मानो “चेहरा दिखाओ, मैं तुम्हें नियम दिखा दूंगा” की नीति पर काम हो रही है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि अगर इस मामले में नोटिस जारी नहीं किया जाता तो सरकार शायद पूरे मुद्दे को कालीन के नीचे दबाए रखती।

मुख्य सचिव से तीन बिंदुओं पर मांगा जवाब

राज्य सरकार ने सरकारी आवास आवंटन (जनरल पूल) नियम, 1994 के नियम 24 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए 14 नवंबर 2024 से पूर्व सीपीएस के सरकारी आवासों में प्रवास को सामान्य लाइसेंस शुल्क पर नियमित किया था। खास बात यह है कि इसके लिए संबंधित पूर्व सीपीएस की ओर से कोई आवेदन नहीं किया गया था।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि पूर्व सीपीएस को विशेष छूट देने वाले 4 मई के आदेश पर रोक क्यों न लगाई जाए।

अदालत ने मुख्य सचिव को हलफनामा दाखिल कर तीन बिंदुओं को स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पूछा है:

  1. क्या इससे पहले किसी अन्य सामान्य कर्मचारी को इस तरह की विशेष अनुमति या छूट दी गई है?

  2. बिना आवेदन किए छह पूर्व सीपीएस को किस आधार पर यह विशेष अधिकार दिया गया?

  3. इन पूर्व सीपीएस पर कितना दंडात्मक किराया बनता है, इसकी सटीक राशि कितनी है?

कोर्ट ने 4 मई 2026 के विवादित सरकारी आदेश को रिकॉर्ड पर लिया है और मूल फाइल सरकार को वापस कर दी है। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त 2026 को होगी।

2023 में नियुक्त हुए थे छह CPS

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने 8 जनवरी 2023 को छह विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव नियुक्त किया था। इनमें अर्की से संजय अवस्थी, कुल्लू से सुंदर सिंह ठाकुर, रोहड़ू से मोहन लाल ब्राक्टा, दून से राम कुमार चौधरी, पालमपुर से आशीष बुटेल और बैजनाथ से किशोरी लाल शामिल थे।

भाजपा ने इन नियुक्तियों को संविधान के प्रावधानों के विपरीत बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 13 नवंबर 2024 को हाईकोर्ट ने सभी छह सीपीएस की नियुक्तियों को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था और उनसे सभी सरकारी सुविधाएं वापस लेने का आदेश दिया था।

इसके बाद 22 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के कुछ हिस्सों पर अंतरिम राहत दी थी, लेकिन मुख्य संसदीय सचिवों के पद बहाल नहीं किए गए थे।

अब पूर्व सीपीएस के सरकारी आवासों में ठहराव को बिना आवेदन नियमित किए जाने का मामला हाईकोर्ट के सामने है, जिस पर अदालत ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है।

follow us on facebook
subscribe to us on youtube

इस खबर के विषय

संबंधित खबरें

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

पशु चिकित्सालय घवांडल में आयोजित पशु जन्म नियंत्रण शिविर में 15 श्वानों की सफल शल्य चिकित्सा की गई। इनमें 7 मादा और 8 नर कुत्ते शामिल रहे। शिविर का उद्देश्य ...

पूरा पढ़ें (Read More) →
करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

बिलासपुर के श्री नयना देवी जी क्षेत्र के भटेड गांव में करंट लगने से जान गंवाने वाले गुरमेल सिंह के परिवार ने प्रशासन पर सुध न लेने का आरोप लगाया है। परिवार क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

हिमाचल को चिट्टे के नशे से मुक्त बनाने के उद्देश्य से 13 नवंबर को मंडी में एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू...

पूरा पढ़ें (Read More) →
बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीबीएमबी में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कानूनी लड़ाई क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने BBMB मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल की बड़ी जीत बताया है। उनके अनुसार प्रदेश को 11,975 मिलियन यूनिट बिजली की बका...

पूरा पढ़ें (Read More) →

इससे पहले और बाद की खबरें