शिमला ।
हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 'सब कैडर' के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए 5 और 6 मई को काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी किया है।
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए निदेशालय ने राजधानी शिमला में 9 विशेष केंद्र स्थापित किए हैं, जहाँ विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों के पदों के लिए साक्षात्कार और दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
10 समितियों का गठन और केंद्र निर्धारण
काउंसिलिंग प्रक्रिया की निगरानी के लिए शिक्षा विभाग ने 10 उच्च स्तरीय समितियों का गठन किया है, जिनकी अध्यक्षता वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। प्रधानाचार्य (Principal) पद के लिए काउंसिलिंग सीधे स्कूल शिक्षा निदेशालय लालपानी में होगी।
इसके अलावा अन्य शिक्षकों के लिए समरहिल, शोघी, लक्कड़ बाजार, फागली, संजौली, पोर्टमोर और छोटा शिमला के स्कूलों में केंद्र बनाए गए हैं। इन समितियों में आईटी स्टाफ और अधीक्षकों को भी शामिल किया गया है ताकि डाटा एंट्री और सत्यापन में कोई त्रुटि न रहे।
जेबीटी और सीएंडवी श्रेणियों के लिए निर्देश
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जेबीटी (JBT) और सीएंडवी (C&V) श्रेणियों के शिक्षकों की काउंसिलिंग भी इन्हीं निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। विभिन्न विषयों और श्रेणियों के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
जैसे पीईटी पद के लिए जगदीश चंद नेगी, टीजीटी (संस्कृत) के लिए लता वर्मा और जेबीटी के लिए मोहिंद्र चंद पिरटा व अन्य अधिकारियों को जवाबदेही सौंपी गई है। काउंसिलिंग में भाग लेने वाले शिक्षकों को 'ऑन ड्यूटी' माना जाएगा और उन्हें नियमानुसार टीए/डीए (TA/DA) भी देय होगा।
सेवा शर्तों और नियुक्तियों पर स्पष्टीकरण
शिक्षा निदेशालय ने भविष्य की नियुक्तियों और वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अनुसार, यदि कोई चयनित शिक्षक फिलहाल पोस्टिंग स्वीकार नहीं करता है, तो उसे भविष्य में अवसर से वंचित नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही, सीबीएसई स्कूलों में पहले से कार्यरत एसएमसी (SMC) शिक्षकों को फिलहाल नए शिक्षकों की ज्वाइनिंग के कारण पद से नहीं हटाया जाएगा। संविदा (Contract) पर कार्यरत शिक्षकों की मौजूदा सेवा शर्तें भी नई पोस्टिंग के बाद यथावत बनी रहेंगी।