शिमला
हिमाचल प्रदेश में जल्द ही सुक्खू सरकार के मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। कैबिनेट में लंबे समय से खाली चल रहे मंत्री पद को भी जल्द भरा जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बेंगलुरु से लौटने के बाद नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर इस संबंध में गहन मंत्रणा
की है। दोनों नेताओं के बीच हुई इस उच्च स्तरीय बैठक को राज्य की राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक के दौरान मंत्रिमंडल में खाली पड़े पदों को भरने और मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल पर आपसी सहमति बनी। इसके साथ ही, आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अभी से संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियां शुरू करने पर विशेष बल दिया गया।
हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनावों में कांग्रेस समर्थित प्रतिनिधियों की शानदार सफलता और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की।
वहीं, दूसरी ओर सीमावर्ती क्षेत्रों में कथित 'खालसा टैक्स' की वसूली के गंभीर मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बात की और इस संबंध में उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।
सरकार और संगठन के कामकाज पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं, राज्य में चल रहे विकास कार्यों और संगठनात्मक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
सीएम ने मंत्रियों के साथ विभिन्न मसलों पर हुई चर्चाओं और जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन का पूरा फीडबैक भी साझा किया। बैठक में हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनावों के नतीजों पर भी विस्तार से बात हुई।
मुख्यमंत्री ने खरगे को बताया कि प्रदेश में कांग्रेस समर्थित प्रतिनिधि भारी संख्या में जीतकर आए हैं, जो इस बात का सीधा प्रमाण है कि संगठन की पकड़ जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत है।
'खालसा टैक्स' को लेकर पंजाब सरकार से बात
हिमाचल और पंजाब के सीमाई क्षेत्रों में कथित तौर पर वसूले जा रहे 'खालसा टैक्स' के मुद्दे पर भी प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। हिमाचल के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस बात की पुष्टि की है कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस गंभीर विषय को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बात की है और उनसे इस अवैध वसूली
के खिलाफ तुरंत उचित और कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। राजस्व मंत्री नेगी ने सीमाई क्षेत्रों में इस तरह के टैक्स की कड़ी आलोचना की है।