शिमला
हिमाचल प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता हटने के बाद आज राज्य सचिवालय शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है।
शनिवार सुबह 11:00 बजे शुरू हुई इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें प्रदेश के विकास और युवाओं के रोजगार से जुड़े कुल 35 एजेंडा आइटम शामिल किए गए हैं। आचार संहिता के कारण लंबे समय से थमे प्रशासनिक फैसलों और लटकी भर्तियों को इस बैठक में मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है।
विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने पर होगा बड़ा फैसला
इस कैबिनेट बैठक में प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आ सकती है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही, विभिन्न सरकारी विभागों में लंबे समय से खाली चल रहे पदों को भरने और नए पदों को सृजित (Create) करने पर मुहर लग सकती है। आचार संहिता हटने के बाद कैबिनेट की यह पहली पूर्ण बैठक है, इसलिए युवाओं को रोजगार के मोर्चे पर सरकार से बड़ी उम्मीदें हैं।
हर पंचायत को संपर्क सड़क से जोड़ने की तैयारी
ग्रामीण विकास और पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भी बैठक में बड़े नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं। हाल ही में संपन्न हुए शहरी निकायों और पंचायत चुनावों में जीत दर्ज करने वाले नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ दिलाने की तारीखों और प्रक्रिया के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी सौगात देते हुए 'हर पंचायत को संपर्क सड़क से जोड़ने' के ऐतिहासिक प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लग सकती है। इस विषय को कार्यसूची में विशेष रूप से शामिल किया गया है।
मंत्रिमंडलीय उपसमितियों की रिपोर्ट पर होगी चर्चा
बैठक के दौरान राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विषयों और सुधारों के लिए गठित की गई मंत्रिमंडलीय उपसमितियों (Cabinet Sub-Committees) की रिपोर्ट भी पटल पर रखी जाएगी। उपसमितियों द्वारा लिए गए निर्णयों और सिफारिशों के आधार पर सरकार कुछ नए और कड़े फैसले ले सकती है।
इसके अतिरिक्त, चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए कैबिनेट की ओर से चुनाव आयोग, सुरक्षा बलों और भारी संख्या में मतदान करने के लिए प्रदेश की जनता का आभार भी व्यक्त किया जा सकता है।
पिछली बैठक पर हुआ था सियासी बवाल
उल्लेखनीय है कि इससे पहले गत 22 मई को जब आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू थी, तब भी सुक्खू सरकार ने कैबिनेट बैठक का आयोजन किया था। उस समय मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इस पर कड़े कानूनी और नैतिक सवाल उठाए थे और इसे आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया था। यही कारण है कि आज आचार संहिता पूरी तरह हटने के बाद हो रही इस बैठक पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।