धर्मशाला
राजकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (GCTE), धर्मशाला के सभागार में आयोजित 'अंतर्महाविद्यालय सांस्कृतिक संगम 2025-26' का भव्य समापन हुआ। इस प्रतियोगिता में कांगड़ा जिला के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी कला, संस्कृति और प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य प्रो. युवराज सिंह पठानिया ने दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सांस्कृतिक गतिविधियों की महत्ता पर बल दिया।
प्रतिभा का अनूठा संगम
सांस्कृतिक संगम के दौरान एकल गायन, एकल नृत्य, लघु नाटिका, समूह नृत्य और पारंपरिक 'लिखणु' चित्रकला जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। सांस्कृतिक समिति की संयोजिका प्रो. बबीता चम्बियाल की देखरेख में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में निर्णायक मंडल के रूप में प्रो. अंजली शर्मा, डॉ. मलकीयत सिंह, श्रीमती प्रतिभा, डॉ. पवन कुमार और श्रीमती मालती ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतियोगिताओं के परिणाम: एक नज़र में
GCTE धर्मशालाद्रोणाचार्य कॉलेज, रैतज्ञान ज्योति कॉलेज समूह नृत्य द्रोणाचार्य कॉलेज, रैतGCTE धर्मशालाशरण कॉलेज, कांगड़ा लिखणु (चित्रकला) ज्ञान ज्योति कॉलेजशरण कॉलेज, कांगड़ा GCTE धर्मशाला एकल नृत्य ऋषिका (शरण कॉलेज) श्रेया राणा (द्रोणाचार्य)निशांत (GCTE धर्मशाला) एकल गायन हर्ष कुमार (GCTE धर्मशाला) काजल कुमारी (ज्ञान ज्योति) मुस्कान कपूर (शरण कॉलेज)
पुरस्कार वितरण और सम्मान
विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अतुल आचार्य एवं डॉ. मनोज कुमार द्वारा अत्यंत कुशलता से किया गया।समापन अवसर पर डॉ.
प्रीति शर्मा ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए महाविद्यालय के समस्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण वर्ग के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था, विशेषकर समूह नृत्य और लघु नाटिकाओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।