जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में हुआ विरोध प्रदर्शन, छात्राओं ने कहा- शिक्षा और भविष्य के मुद्दों पर होनी चाहिए चर्चा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न छात्र मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में धर्मशाला में शुक्रवार को NSUI कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाया। हालांकि प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले, जिस पर कुछ छात्रों ने कहा कि आंदोलन का मुख्य फोकस छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था पर होना चाहिए।
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने कहा कि वे दिल्ली में जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में यहां पहुंचे हैं। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
छात्राओं ने कहा कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय हो रहा है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
छात्रा ने कहा- मुद्दा छात्रों का हो, राजनीति का नहीं
प्रदर्शन में शामिल बीएड छात्रा अलीशा ने कहा कि वह इस उम्मीद से प्रदर्शन में शामिल हुई थीं कि यहां छात्रों के अधिकारों और समस्याओं पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक बयानबाजी ज्यादा दिखाई दी, जबकि छात्रों के वास्तविक मुद्दों पर कम बात हुई।
अलीशा ने कहा कि देश के लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने छात्रों पर होने वाली कार्रवाई और लाठीचार्ज जैसी घटनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे महिला सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा होती है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून बनाए जाएं। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्रों ने कहा कि यदि कठोर कानून लागू होंगे तो भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सकेगी और छात्रों के हितों की रक्षा हो पाएगी।
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