विजिलेंस ने सरकारी और वन भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी, जाली हस्ताक्षर और भूमि हस्तांतरण की जांच तेज की; पांच सितंबर को अदालत में पेश होगा आरोपी
सरकारी और वन भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर, संदिग्ध दस्तावेजों, जाली हस्ताक्षरों और सामान्य मुख्तारनामा के आधार पर भूमि हस्तांतरण के मामले में विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई की है।
विजिलेंस थाना धर्मशाला में दर्ज मामले की जांच के तहत धर्मशाला से नेक राम को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि नेक राम भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के करीबी रहे हैं और उनके कुक व चालक के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
विजिलेंस की पूछताछ में भूमि सौदों और संभावित प्रभावशाली गठजोड़ से जुड़े कई तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार अब तक आरोपी नेक राम, उसकी पत्नी और मां के नाम धर्मशाला और पालमपुर क्षेत्र में करीब 13 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि के लेनदेन का पता चला है।
विजिलेंस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों की खरीद के लिए धन कहां से आया, वित्तीय लेनदेन किन माध्यमों से किया गया और इन संपत्तियों के वास्तविक लाभार्थी कौन हैं।
राजस्व रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी की जांच
जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी के कुछ राजस्व अधिकारियों के साथ कथित निकट संपर्क और अन्य भूमि सौदों में उसकी संभावित भूमिका से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है। विजिलेंस इस पहलू को भी खंगाल रही है कि क्या आरोपी किसी प्रभावशाली नेता या लोक सेवकों के लिए मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा था।
हालांकि, संबंधित लोगों की भूमिका और वास्तविक लाभार्थियों को लेकर स्थिति अभी जांच के दायरे में है। विजिलेंस की जांच मुख्य रूप से दस्तावेजी और वित्तीय कड़ियों को जोड़ने पर केंद्रित है।
भूमि सौदों में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों, धन के स्रोत, कथित जाली हस्ताक्षरों और सामान्य मुख्तारनामा के आधार पर हुए भूमि हस्तांतरण की जांच की जा रही है। इसके अलावा राजस्व रिकॉर्ड में कथित तौर पर हुई गड़बड़ियों और गायब मूल राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
विजिलेंस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ भूमि सौदों से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
पांच सितंबर को अदालत में होगी पेशी
विजिलेंस ने नेक राम को एक सितंबर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे दो सितंबर को सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। अब आरोपी को पांच सितंबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
विजिलेंस की जांच अभी जारी है। भूमि लेनदेन, संपत्तियों के धन स्रोत, राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और संभावित अन्य आरोपितों की भूमिका को लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में अन्य लोगों की भूमिका और संभावित संलिप्तता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
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