बिलासपुर।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुकी देश भगत यूनिवर्सिटी ने सात समुंदर पार उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप में अपने नए कैंपस की शुरुआत कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
यूनिवर्सिटी ने सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस में अपना दूसरा कैंपस 'देश भगत यूनिवर्सिटी अमेरिकास स्कूल ऑफ मेडिसिन' स्थापित किया है, जो भारतीय और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को वैश्विक मानकों के अनुरूप एमबीबीएस (MBBS) करने का अवसर प्रदान करेगा।
बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यूनिवर्सिटी के संचालन निदेशक इंज. अरुण मलिक ने बताया कि यह नया कैंपस चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि छात्रों को संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में 'क्लीनिकल रोटेशन' करने का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
इंज. मलिक ने जानकारी दी कि यूनिवर्सिटी का पाठ्यक्रम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जो छात्रों को USMLE (यूनाइटेड स्टेट्स मेडिकल लाइसेंसिंग एग्जामिनेशन) जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए तैयार करता है।
अन्य देशों के मेडिकल स्कूलों की तुलना में यहाँ ट्यूशन फीस काफी किफायती रखी गई है, ताकि मध्यम वर्ग के छात्र भी डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर सकें। यह संस्थान संबंधित अंतरराष्ट्रीय अथॉरिटीज द्वारा मान्यता प्राप्त है, जिससे डिग्री के बाद लाइसेंस और प्रैक्टिस में कोई बाधा नहीं आएगी।आधुनिक प्रयोगशालाएं,
सुसज्जित कक्षाएं और बेहतरीन फैकल्टी यहाँ का मुख्य आकर्षण हैं।
यूनिवर्सिटी के उप निदेशक डॉ. प्रभजोत सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि सक्षम और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवा पेशेवर तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यहाँ से स्नातक करने वाले छात्र न केवल अमेरिका या सेंट विंसेंट, बल्कि भारत सहित दुनिया के किसी भी कोने में उत्कृष्ट योगदान देने के योग्य होंगे।
निदेशक अरुण मलिक ने अंत में जोर देते हुए कहा कि देश भगत यूनिवर्सिटी अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वैश्विक ब्रांड बन चुका है, जहाँ बेमिसाल बुनियादी ढांचा और अनुभवी फैकल्टी छात्रों के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।