नई दिल्ली।
देश में महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में 993 रुपये की ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। इस भारी वृद्धि के बाद अब होटलों और रेस्तरां में खाना महंगा होना तय माना जा रहा है।
वहीं, घरेलू और कमर्शियल सिलिंडर के बीच बढ़ते अंतर को देखते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
शुक्रवार से लागू हुई नई दरों के अनुसार, दिल्ली में अब 19 किलो का कमर्शियल सिलिंडर 3,071.50 रुपये का हो गया है, जो पहले 2,078.50 रुपये का था। पिछले तीन महीनों में कमर्शियल सिलिंडर के दाम कुल 1,303 रुपये बढ़ चुके हैं।
मजदूरों और छात्रों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 5 किलो के एफटीएल (FTL) सिलिंडर की कीमत में भी 261 रुपये का इजाफा किया गया है। राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू सब्सिडी वाले सिलिंडर और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने से सब्सिडी वाले घरेलू सिलिंडरों के कमर्शियल सेक्टर में 'डायवर्जन' (दुरुपयोग) का खतरा बढ़ गया है। इसे रोकने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है बुधवार (29 अप्रैल) को देशभर में 2,300 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई।
अब तक 336 डिस्ट्रीब्यूटर्स पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि 72 डिस्ट्रीब्यूटरशिप सस्पेंड कर दी गई हैं। ताजा कार्रवाई में 50 डिस्ट्रीब्यूटर्स को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिवों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राज्य सरकारें आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर, 2000 के तहत जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। तेल कंपनियों को औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
कमर्शियल और घरेलू सिलिंडर की कीमतों में अब करीब 2,000 रुपये का भारी अंतर है। ऐसे में घरेलू गैस की चोरी और कमर्शियल उपयोग बढ़ने की आशंका है। राज्यों को आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। —पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक सूत्र