धर्मशाला
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने कर्नाटक का नया मुख्यमंत्री चुने जाने पर बधाई संदेश और शुभकामना पत्र प्रेषित किया है। अपने इस विशेष पत्र में उन्होंने कर्नाटक राज्य के साथ तिब्बती समुदाय के दशकों पुराने गहरे संबंधों को याद किया और तिब्बती प्रवासियों को लगातार मिल रहे सहयोग व संरक्षण के प्रति राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।
कर्नाटक में है सबसे बड़ा तिब्बती प्रवासी समूह, दलाई लामा ने जताई उदारता
दलाई लामा ने अपने पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया कि कर्नाटक राज्य वर्तमान में 30,000 से अधिक निर्वासित तिब्बतियों का घर है, जो पूरे भारत में तिब्बती प्रवासियों का सबसे बड़ा समूह है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता और प्रशासन ने हमेशा तिब्बती समुदाय को अटूट मित्रता, उदार समर्थन और गर्मजोशी प्रदान की है, जिसके लिए तिब्बती समाज हमेशा राज्य का अत्यंत आभारी रहेगा।
नालंदा परंपरा के केंद्र हैं कर्नाटक के तिब्बती संस्थान, वंचितों के कल्याण की कामना
आध्यात्मिक गुरु ने पत्र में यह भी रेखांकित किया कि कर्नाटक में स्थापित तिब्बती शिक्षण और सांस्कृतिक केंद्र प्राचीन भारतीय ज्ञान की महान 'नालंदा परंपरा' में निहित हैं, जो सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।
अपने संदेश के अंत में दलाई लामा ने नए मुख्यमंत्री के सफल कार्यकाल की कामना करते हुए आशा जताई कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे और राज्य के सबसे वंचित वर्गों के जीवन में वास्तविक व सकारात्मक परिवर्तन लाने में सफल होंगे।