शिमला
हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की उपस्थिति प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।
अब स्कूलों में चेहरा पहचान (फेशियल रिकग्निशन) आधारित आधुनिक बायोमेट्रिक मशीनों के माध्यम से हाजिरी लगाई जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष कोहली की ओर से इस संबंध में प्रदेश के सभी स्कूलों और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
प्रतिदिन निर्धारित समय पर चेक-इन और चेक-आउट अनिवार्य
जारी निर्देशों के अनुसार, सभी अधिकारियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यालयों व शिक्षण संस्थानों में प्रतिदिन निर्धारित समय पर चेक-इन और चेक-आउट के दौरान इस नई बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
विभाग ने उच्च शिक्षा व प्रारंभिक शिक्षा के सभी उप-निदेशकों (Deputy Directors) और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (BEEOs) को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है कि उनके अधीन कार्यरत समस्त स्टाफ इन आदेशों का कड़ाई से पालन करे।
बदली जाएंगी पुरानी मशीनें, लापरवाही पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
वर्तमान में प्रदेश के कई स्कूलों में पुरानी अंगूठे (थंब इम्प्रेशन) वाली बायोमेट्रिक मशीनें लगी हुई हैं, जिनमें से अधिकांश लंबे समय से खराब पड़ी हैं। विभाग इन सभी पुरानी मशीनों को बदलकर नई फेशियल रिकग्निशन तकनीक वाली मशीनें स्थापित करेगा। इसके साथ ही, वर्तमान में मोबाइल ऐप के माध्यम से हाजिरी लगाने की जो व्यवस्था चल रही है, वह भी समानांतर रूप से जारी रहेगी।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई उपस्थिति प्रणाली को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही या निर्देशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई कर्मचारी इसमें कोताही बरतता है, तो उस दिन उसकी 'अनुपस्थिति' (Absence) दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।