शिमला।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज विधानसभा में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में प्रदेशवासियों को उनके घर के पास ही बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कड़ा संकल्प दोहराते हुए कहा कि अगले 6 महीनों के भीतर प्रदेश के किसी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में स्टाफ की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
सीएम सुक्खू ने हिमाचल को 'मेडिकल टूरिज्म' के हब के रूप में विकसित करने का विजन साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल के भीतर हिमाचल प्रदेश मेडिकल टूरिज्म की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाएगा।
प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को बाहर न जाना पड़े। स्टाफ की तैनाती में 'रेशनेलाइजेशन' किया जाएगा ताकि जहां जरूरत हो, वहां विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध रहें।
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की जानकारी दी। चिकित्सा अधिकारियों के 400 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। नर्सों के खाली पदों को भरने के साथ-साथ रेडियोलॉजिस्ट की कमी को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।
सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर भी प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में भर्तियों और बुनियादी ढांचे की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। संस्थानों को केवल राजनीतिक लाभ के लिए बिना बजट और स्टाफ के खोल दिया गया था, जिन्हें अब हमारी सरकार व्यवस्थित कर रही है।