शिमला।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार के बेटे पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस की विशेष टीम ने मामले के मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी के पास से हमले में इस्तेमाल अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
तकनीकी जांच से बेनकाब हुआ आरोपी
पुलिस के अनुसार, हमले के बाद से ही पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और संदिग्धों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) के गहन विश्लेषण के बाद मुख्य साजिशकर्ता की पहचान की गई। पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को उसके गुप्त ठिकाने से धर दबोचा।
अवैध हथियारों का जखीरा बरामद
गिरफ्तारी के बाद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने एक अवैध पिस्तौल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी को ये हथियार कहाँ से मिले थे और क्या इस साजिश में कोई और बड़ा चेहरा भी शामिल है।
पुरानी रंजिश या सोची-समझी साजिश?
प्राथमिक पूछताछ में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, यह हमला किसी पुरानी रंजिश का परिणाम हो सकता है या फिर राजनीतिक रसूख के चलते डराने-धमकाने की एक बड़ी साजिश। हालांकि, पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और रिमांड के दौरान कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग ने कहा है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस मामले पर पैनी नजर बना रखी है।